बंगाल चुनाव: 142 सीटों पर आखिरी फैसला, क्या बढ़ा हुआ 'वोटर टर्नआउट' ले डूबेगा ममता सरकार? जानें अमिताभ तिवारी की भविष्यवाणी

West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे और अंतिम चरण की 142 सीटों पर मतदान राज्य की सत्ता का भविष्य तय करेगा. रिकॉर्ड वोटर टर्नआउट, महिला मतदाताओं की भारी भागीदारी, वोटर लिस्ट से नाम कटने का मुद्दा और भवानीपुर सीट पर बदलते समीकरण, इन सबके बीच सवाल उठ रहा है कि क्या ममता बनर्जी चौथी बार सत्ता में वापसी करेंगी या बीजेपी बड़ा उलटफेर करेगी?

West Bengal Election 2026
West Bengal Election 2026

न्यूज तक डेस्क

follow google news

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण में 142 सीटों पर होने वाला मतदान यह तय कर देगा कि ममता बनर्जी चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगी या बीजेपी अपना झंडा गाड़ देगी.  चुनावी विश्लेषक और वोट वाइब के संस्थापक अमिताभ तिवारी के मुताबिक, इस चरण में 'प्रेसिडेन्सी' और 'वर्धमान' जोन की सीटों पर कड़ा मुकाबला है. दिलचस्प बात यह है कि पहले चरण में 93% से अधिक का भारी मतदान हुआ है, जो ऐतिहासिक है. डेटा बताता है कि 2014 के बाद से जब भी टर्नआउट बढ़ा है, दो-तिहाई राज्यों में सरकारें बदल गई हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या बंगाल में भी सत्ता परिवर्तन की लहर चल पड़ी है?

Read more!

भारी मतदान: सत्ता विरोधी लहर या कुछ और?

अमिताभ तिवारी ने आंकड़ों के जरिए बताया कि 2014 से अब तक हुए 72 चुनावों में से 34 बार टर्नआउट बढ़ा, जिनमें से 23 बार सरकारें गिर गईं. टीएमसी के लिए चिंता की बात यह है कि जब भी उन्होंने सत्ता बरकरार रखी है, टर्नआउट घटा है. लेकिन इस बार 93% महिलाओं का मतदान करना एक नया मोड़ ला सकता है. क्या ये महिलाएं 'लक्ष्मी भंडार' जैसी योजनाओं के कारण ममता दीदी को बचाएंगी या 'आरजी कर' जैसे मुद्दों पर सुरक्षा को चुनेंगी?

भवानीपुर में ममता बनर्जी की राह मुश्किल?

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अपनी सीट भवानीपुर को लेकर भी चौंकाने वाला विश्लेषण सामने आया है. यहां लगभग 46,000 वोटर्स के नाम वोटर लिस्ट से काटे गए हैं, जबकि पिछली बार उनकी जीत का अंतर 47,000 था. लोकसभा चुनाव 2024 में यहां टीएमसी की बढ़त घटकर सिर्फ 8,000 रह गई थी. ऐसे में अगर प्रवासी हिंदी भाषी वोटर्स और मिडिल क्लास का झुकाव बदला, तो भवानीपुर में बड़ा उलटफेर संभव है.

टीएमसी और बीजेपी की ताकत का गणित

टीएमसी का आधार: ममता बनर्जी आज भी राज्य की सबसे लोकप्रिय नेता हैं. उनके पास मुस्लिम आबादी का बड़ा समर्थन है. 85 सीटें ऐसी हैं जहां अल्पसंख्यक आबादी के कारण टीएमसी को बड़ा एडवांटेज है.

बीजेपी की उम्मीद: बीजेपी 'हिंदू काउंटर कंसोलिडेशन' और महिला सुरक्षा के मुद्दे पर चुनाव लड़ रही है. भ्रष्टाचार, विकास की कमी और तुष्टिकरण के आरोपों ने बीजेपी के पक्ष में माहौल बनाया है.

वोटर लिस्ट से नाम कटने का मुद्दा

इस चुनाव में एक बड़ा फैक्टर 'वोटर लिस्ट प्यूरीफिकेशन' रहा है. दूसरे चरण की सीटों पर प्रति सीट औसतन 24,000 वोटर्स के नाम डिलीट हुए हैं. टीएमसी इसे अपने खिलाफ साजिश बता रही है, जबकि बीजेपी इसे निष्पक्ष चुनाव के लिए जरूरी कदम मान रही है.

यहां देखें वीडियो

West Bengal Election: 142 सीटें और 29 अप्रैल का इम्तिहान...दूसरे चरण में टीएमसी का पलड़ा भारी या बीजेपी करेगी खेला? जानें पूरा एनालिसिस

    follow google news