पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों को लेकर पूरे देश की निगाहें टिकी हुई हैं. बंगाल में पिछले 15 सालों से ममता बनर्जी का किला अभेद्य रहा है, लेकिन इस बार के एग्जिट पोल्स कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं. न्यूज तक की विशेष पड़ताल में सामने आया है कि जहां अधिकांश सर्वे इस बार बंगाल में सत्ता परिवर्तन और बीजेपी की वापसी की भविष्यवाणी कर रहे हैं, वहीं कांग्रेस और लेफ्ट के सितारे गर्दिश में नजर आ रहे हैं. लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या इन एग्जिट पोल्स पर भरोसा किया जा सकता है?
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2021 के एग्जिट पोल्स का हश्र: जब सारे दावे हुए थे फेल
एग्जिट पोल्स की सटीकता को समझने के लिए हमें 2021 के आंकड़ों पर गौर करना होगा. साल 2021 में बंगाल की 294 सीटों के लिए आए एग्जिट पोल्स पूरी तरह से गलत साबित हुए थे. उस समय टीएमसी ने 215 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया था, जबकि बीजेपी महज 77 सीटों पर सिमट गई थी. उस दौरान रिपब्लिक-सीएनएक्स और मैट्राइज जैसे कई सर्वे बीजेपी को 138 से 169 सीटें तक दे रहे थे, जो हकीकत से कोसों दूर था. यहां तक कि एक्सिस माय इंडिया और सी-वोटर जैसे बड़े नामों ने भी टीएमसी की सीटों का जो अनुमान लगाया था, वह वास्तविक नतीजों (215 सीट) के मुकाबले काफी कम था.
2026 का समीकरण: अधिकांश सर्वे में बीजेपी को बढ़त
अगर 2026 के ताजा एग्जिट पोल्स पर नजर डालें, तो मुकाबला बेहद दिलचस्प दिख रहा है. बंगाल में बहुमत के लिए 148 सीटों की जादुई संख्या की जरूरत होती है. इस बार प्रजा पोल एनडीए को 178 से 208 सीटें दे रहा है, वहीं चाणक्य स्ट्रैटेजी बीजेपी को 150 से 160 सीटें मिलने का अनुमान लगा रही है. मैट्राइज ने भी बीजेपी को 146 से 161 सीटें दी हैं. दूसरी तरफ, जनमत सर्वेक्षण एकमात्र ऐसा प्रमुख सर्वे है जो टीएमसी को 195 से 205 सीटों के साथ बड़ी बढ़त दिखा रहा है. अधिकांश एजेंसियां जैसे पोल्स डायरी और पी-मार्क भी बीजेपी की सरकार बनने की संभावना जता रही हैं.
सटीक भविष्यवाणी करने वाली एजेंसी का इस बार क्या है दावा?
पिछली बार यानी 2021 में बसवा बंगला संघवाद एकमात्र ऐसा एग्जिट पोल था, जिसकी भविष्यवाणी नतीजों के सबसे करीब थी. उसने टीएमसी को 217 सीटें मिलने का अनुमान लगाया था और नतीजे 215 रहे थे. दिलचस्प बात यह है कि वही एजेंसी इस बार अपने सुर बदल चुकी है. इस बार उसका अनुमान है कि बीजेपी को 175 से 185 सीटें मिल सकती हैं, जबकि ममता बनर्जी की टीएमसी 90 से 105 सीटों के बीच सिमट सकती है. यह आंकड़ा टीएमसी समर्थकों के लिए चिंता का विषय हो सकता है.
बड़े नामों की दूरी और मुख्य मुकाबला
इस बार के चुनावी विश्लेषण में एक खास बात यह भी है कि एक्सिस माय इंडिया और सी-वोटर जैसी बड़ी एजेंसियों ने बंगाल को लेकर अपने एग्जिट पोल जारी नहीं किए हैं. पूरे चुनाव में कांग्रेस और लेफ्ट को अन्य की श्रेणी में रखा गया है क्योंकि अधिकांश सर्वे उन्हें मात्र 2 से 5 सीटें ही दे रहे हैं. ऐसे में बंगाल का रण पूरी तरह से टीएमसी और बीजेपी के बीच सिमट गया है. अब देखना यह होगा कि क्या 2021 की तरह इस बार भी जनता एग्जिट पोल्स को झुठलाती है या फिर बंगाल में वाकई भगवा लहराएगा.
यहां देखें वीडियो
बंगाल में BJP की सुनामी...208 सीटें मिलने का अनुमान! प्रजा एग्जिट पोल के आंकड़ों ने चौंकाया
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