आगामी चुनावों को लेकर सियासी सरगर्मी तेज है. इस बीच सी-वोटर (C-Voter) के लेटेस्ट ट्रैकर सर्वे ने देश का राजनीतिक मूड स्पष्ट किया है. सर्वे के आंकड़ों पर विश्लेषण करते हुए वरिष्ठ पत्रकार और विश्लेषक यशवंत देशमुख ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी के बीच की लोकप्रियता का अंतर राष्ट्रीय स्तर पर अभी भी काफी बड़ा है लेकिन कुछ राज्यों में राहुल गांधी बाजी मारते दिख रहे हैं.
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किन राज्यों में राहुल गांधी हैं मोदी से आगे?
यशवंत देशमुख के अनुसार दक्षिण भारत के दो प्रमुख राज्यों- केरल और तमिलनाडु में राहुल गांधी की लोकप्रियता प्रधानमंत्री मोदी से अधिक है. इन राज्यों में लोग राहुल गांधी को देश के प्रधानमंत्री के रूप में देखना पसंद कर रहे हैं. हालांकि, देशमुख ने यह भी आगाह किया कि 12 साल पहले राहुल गांधी की जो बढ़त इन राज्यों में हुआ करती थी, वह गैप अब धीरे-धीरे कम हो रहा है.
हिंदी पट्टी और पूर्वोत्तर में मोदी का दबदबा
सर्वे के अनुसार, पश्चिम बंगाल और असम जैसे राज्यों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राहुल गांधी से काफी आगे हैं. असम में मोदी बनाम राहुल का अंतर काफी बड़ा है. विश्लेषण में बताया गया कि जिन राज्यों में भाजपा पहले कमजोर थी, वहां भी पिछले 12 सालों में संगठन की मजबूती के कारण भाजपा का वोट शेयर लगातार बढ़ रहा है. केरल में भी भाजपा का वोट शेयर इस बार 15% से 20% के बीच रहने का अनुमान है.
केरल चुनाव: कांग्रेस के लिए 'आर या पार' की लड़ाई
यशवंत देशमुख ने जोर देकर कहा कि 2029 के आम चुनावों के नैरेटिव के लिहाज से केरल का विधानसभा चुनाव कांग्रेस के लिए बेहद क्रिटिकल है.
जीत का फ्लिप: अगर कांग्रेस केरल जीतती है तो दक्षिण भारत के 5 में से 4 राज्यों (कर्नाटक, तेलंगाना, केरल और तमिलनाडु गठबंधन) में उनकी स्थिति मजबूत होगी.
हार का जोखिम: यदि कांग्रेस केरल हार जाती है तो 2029 तक एक 'डाउनवर्ड स्विंग' का नैरेटिव बनेगा कि कांग्रेस दक्षिण के अपने गढ़ भी खो रही है. देशमुख के मुताबिक, कांग्रेस की सबसे बड़ी चुनौती उनका कमजोर होता सांगठनिक ढांचा (Organizational Strength) है.
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