तकदीर कब कहां किसे क्या बना दें, ये किसी को पता नहीं होता है. आज आदित्य धर बॉलीवुड के सबसे धुरंधर डायरेक्टर बनकर डंका पीट रहे हैं और उनकी खूब चर्चा भी हो रही है. कश्मीरी पंडित आदित्य धर को क्रिकेट की दुनिया में स्पिनर बनना था लेकिन डेस्टिनी ने क्रिकेट के पिच तक पहुंचने नहीं दिया. पहुंचा दिया बॉलीवुड की ऐसी दुनिया में जहां बेशुमार नाम, बेशुमार दौलत बरस रही है. एंटी टेरर, एंटी पाकिस्तान, देशभक्ति फिल्में बनाने और कॉमर्शियली हिट बनाने में आदित्य धर से बड़ा धुरंधर आज कोई नहीं. लेकिन इसके साथ ही उनपर बीजेपी के लिए प्रोपेगेंडा मूवी बनाने का दाग भी लगा. चर्चित चेहरा के इस एपिसोड में जानेंगे आदित्य धर की पूरी कहानी.
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टूटा था क्रिकेटर बनने का सपना
आदित्य धर कश्मीर के ऐसे पंडित परिवार से हैं जिनका घर दिल्ली में है. दिल्ली में ही आदित्य की परवरिश हुई. उनका सपना था टीम इंडिया की जर्सी पहनकर क्रिकेट खेलना. बड़ी मेहनत की लेकिन हर सपना पूरा नहीं होता. आदित्य का सपना टूटा जब अंडर-19 वर्ल्ड कप की टीम में सलेक्शन नहीं हुआ. हिम्मत हार आदित्य ने क्रिकेटिंग को करियर बनाने का इरादा छोड़ दिया.
लिरिसिस्ट से डायरेक्टर बनने तक का सफर
आदित्य बचपन से डिस्लेक्सिया की समस्या से जूझ रहे थे. ये एक (learning disorder) है, जिसमें पढ़ने, लिखने और शब्दों की स्पेलिंग समझने में मुश्किल होती है. इस समस्या के बाद भी आदित्य ने जीवन में लिरिसिस्ट(Lycrist) बनने का कारनामा किया. जहां पढ़ना मुश्किल था वहां आदित्य ने लिखने को ताकत बना लिया. उसी ताकत के दम पर बॉलीवुड में काम मांगने मुंबई आए. ये सब करीब 20 साल पुरानी बात है. किस्मत वाले थे कि बड़ी जल्दी बड़े ब्रेक मिले. यशराज फिल्म्स की काबुल एक्सप्रेस में गाने लिखने का मौका मिला. आक्रोश और तेज में भी आदित्य के लिखे गाने बजे लेकिन आदित्य को यही तक नहीं रूकना था. उन्होंने अपनी क्रिएटिविटी का दायरा बढ़ाया और फिल्म स्क्रिप्टिंग, डॉयलॉग राइटिंग करने लगे. काम की सराहना के बाद भी आदित्य के लिए ये सब मन भरने लायक नहीं था. उन्होंने प्रियदर्शन को ज्वाइन किया एज असिस्टेंट डायरेक्टर.
कुछ साल खुद को घिसने, तपाने के बाद उन्होंने खुद से फिल्म डायरेक्ट करने का प्लान किया. 2016 में करण जौहर की कंपनी धर्मा प्रोडक्शन ने फिल्म रात बाकी के लिए आदित्य धर को साइन किया. कटरीना कैफ और पाकिस्तानी एक्टर फवाद ख़ान को लेकर फिल्म बननी थी लेकिन 2016 में जम्मू कश्मीर के उरी में हुए आतंकी हमले ने सब कुछ बदल दिया. उरी अटैक से पाकिस्तान के खिलाफ इतना गुस्सा भड़का कि फवाद खान भारत और बॉलीवुड से निकाल बाहर किए गए.
ऐसे बदली उनकी पहचान!
आदित्य की पहली डायरेक्टर वाली फिल्म डब्बे में बंद हो गईं लेकिन वहीं से नया रास्ता निकला उरी का. जिस उरी से आदित्य का सपना टूटा उसी से नया सपना शुरू हुआ 'उरी द सर्जिकल स्ट्राइक' का जिसमें विकी कौशल और यामी गौतम कास्ट हुए. उरी के जिस आतंकी हमले ने आदित्य की पहली फिल्म रोकी, उसी पर उन्होंने 'उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक' बना डाली. पूरा देश 'हाउ इज द जोश' के नारों से गूंज उठा. रातों-रात आदित्य धर बॉलीवुड के सबसे बड़े 'कमांडो' बन गए. नेशनल अवॉर्ड उनके पास चलकर आया. आदित्य धर ऑर्डिनरी से असाधारण निर्देशकों(Exceptional directors) की लिस्ट में आ गए.
उरी से मिली जीवनसाथी!
उरी में विकी कौशल के अपोजिट फेयरनेस क्वीन' यामी गौतम कास्ट की गईं थी. तब आदित्य एक डायरेक्टर और यामी एक एक्ट्रेस थीं. कहां किसी को पता था कि दुनिया ऐसे बदल जाएगी. उरी पाकिस्तान से भारत के बदले की कहानी थी. सीरियस सेट था लेकिन आदित्य धर और यामी गौतम की लव स्टोरियां उसी फिल्म के सेट से शुरू हुई.
शूटिंग और प्रमोशनल इवेंट्स मौके बने दोनों को करीब से जानने-समझने में. दोनों की सिपंलिसिटी ने एक-दूसरे पर जादू किया. कुछ वक्त तक डेट करने के बाद मीडिया लाइमलाइट से दूर दोनों ने जून 2021 में हिमाचल प्रदेश में शादी कर ली. आदित्य और यामी की प्रेम कहानी बिना किसी बड़े ड्रामे या 'फिल्मी प्रपोजल' के शुरू हुई. यामी ने किस्सा शेयर किया कि आदित्य ने उन्हें कभी डेट के लिए नहीं प्रपोज नहीं किया. रिश्ता बहुत ही स्वाभाविक तरीके से आगे बढ़ा. हाल ही में यामी ने खुलासा किया कि उन्होंने शादी में अपनी मां की पुरानी साड़ी पहनी थी क्योंकि एक बड़े डिजाइनर ने उन्हें लहंगा देने से यह कहकर मना कर दिया था कि वह अभी 'उतनी बड़ी एक्ट्रेस' नहीं हैं. ये बॉलीवुड की सबसे सच्ची और सादगी भरी लव स्टोरी बन गई! यामी गौतम की आदित्य धर की जिंदगी में एंट्री बहुत लकी साबित हुई.
देशभक्ति के साथ चिपका बीजेपी प्रोपेगेंडा का दाग!
उरी की सक्सेस के बाद आदित्य धर ने कुछ बड़ा प्लान किया. प्रोडक्शन हाउस में डायरेक्टर की नौकरी करने की बजाय खुद का प्रोडक्शन कंपनी बनाई. अपने भाई लोकेश धर के साथ मिलकर बी62 स्टूडियो की स्थापना की. यहां से शुरुआत हुई फिल्म 'धुरंधर' की. इसी ने आर्टिकल 370 और बारामूला' जैसी फिल्में प्रोड्यूस की.
अगली दो और फिल्में आर्टिकल 370 और बारामूला उतनी बड़ी सक्सेस तो नहीं बनी लेकिन आदित्य धर की फिल्मोग्राफी का पैटर्न सेट हो गया-कश्मीर, पाकिस्तान, आतंकवाद, देशभक्ति और इसी के साथ चिपका बीजेपी के लिए प्रोपेगंडा मूवी बनाने का. सफलता अपने साथ कांटे भी लाती है. आज आदित्य की फिल्म धुरंधर: द रिवेंज ब्लॉकबस्टर तो है, लेकिन विवादों के घेरे में है. धुरंधर वन में तो इसकी चर्चा नहीं रही लेकिन धुरंधर 2 रिलीज आते ही आदित्य धर उन लोगों के निशाने पर हैं जो बीजेपी के इशारे पर देशभक्ति के नाम पर बीजेपी का प्रोपेगंडा फैलाने वाली फिल्में बनाकर नाम शोहरत, पैसे बटोर रहे हैं.
बीजेपी प्रोपेगेंडा के आरोप फिल्म की स्क्रिप्ट के कारण लग रहे हैं. आदित्य धर ने 2016 की नोटबंदी को आतंकी फंडिंग और जाली नोटों के नेटवर्क को खत्म करने वाले एक मास्टरस्ट्रोक के रूप में दिखाया लेकिन आरोप लग रहे हैं कि जो सरकार की नाकामी थी उसे देशभक्ति की जीत के तौर पर पेश किया. बड़ी आलोचना इसलिए कि 2009 से 2016 के पीरियड में UPA सरकार के मंत्रियों को करप्ट और आतंकियों के हमदर्द जैसे नेगेटिव कैरेक्टर के तौर पर पेश किया. उससे भी बड़ी आलोचना ये कि असली पीएम मोदी और उनके असली भाषणों से प्रो बीजेपी, प्रो मोदी नैरेटिव सेट करने की कोशिश की गई. अजीत डोभाल का पिक्चराइजेशन ऐसे कि पिछली सरकारों की ढिलाई के बावजूद देश को बचाते हैं.
आदित्य धर और यामी की नेटवर्थ!
धुरंधर में ऐसा नया प्रयोग किया जो पहले किसी ने नहीं किया. धुरंधर 1 और धुरंधर 2 एक ही फिल्म की तरह शूट हुई, लेकिन इस प्लानिंग के साथ कि दोनों अलग रिलीज की जाएगी. ये रिस्क था लेकिन रिस्क से इश्क आदित्य के यकीन से बॉलीवुड की सबसे सक्सेस स्टोरी बनी. सेम स्टार कास्ट के साथ दोनों फिल्में बनी भी साढे तीन-तीन घंटे की. टिकटें भी 500-500 की मिल रही हैं. फिर भी धड़ल्ले से खरीदकर देखी जा रही है. धुरंधर 2' ने रिलीज के सिर्फ 7 दिनों के भीतर एक हजार करोड़ की कमाई पार कर ली है. आदित्य और यामी की ज्वाइंट नेटवर्थ 100 करोड़ के पार मानी जाती है.
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