नाना पाटेकर ने 75 की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा, बेटे मल्हार ने की पुष्टि

न्यूज तक डेस्क

08 Oct 2026 (अपडेटेड: Oct 8 2026 8:27 AM)

दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में निधन हो गया है. गोवा में सीने में तेज दर्द के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां सुबह 5.20 बजे मृत घोषित किया गया. बेटे मल्हार ने निधन की पुष्टि की.

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फिल्म इंडस्ट्री से 8 अक्टूबर की सुबह बेहद दुखद खबर सामने आई है. दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का निधन हो गया है. उन्होंने 75 साल की उम्र में अंतिम सांस ली. उनके बेटे मल्हार पाटेकर ने पिता के निधन की पुष्टि की है. नाना पाटेकर के अचानक निधन की खबर से बॉलीवुड में शोक की लहर है.

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जानकारी के मुताबिक, नाना पाटेकर को सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई थी. इसके बाद मेडिकल टीम को गोवा स्थित उनके फ्लैट पर भेजा गया. वहां पहुंचने पर नाना पाटेकर बेहोशी की हालत में मिले.

अस्पताल ले जाने के बाद नहीं बची जान

मेडिकल टीम ने नाना पाटेकर को कार्डियक मसाज दी. इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया. गोवा के मणिपाल अस्पताल में मेडिकल टीम ने सुबह 5.20 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया. नाना पाटेकर के बेटे मल्हार ने बताया कि फिलहाल उनके पास घटना से जुड़ी पूरी जानकारी नहीं है. वह गोवा पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी लेंगे.

नाना पाटेकर के अचानक निधन की खबर ने फिल्म इंडस्ट्री को बड़ा झटका दिया है. उनके फैंस और फिल्म जगत से जुड़े लोग इस खबर पर यकीन नहीं कर पा रहे हैं.

फिल्मों में लगातार कर रहे थे काम

नाना पाटेकर फिल्मों में लगातार सक्रिय थे. वह पूरी तरह फिट थे. उनकी पिछली रिलीज फिल्म 'ओ रोमियो' थी. फिल्मों के साथ वह ओटीटी प्रोजेक्ट्स पर भी काम कर रहे थे. नाना पाटेकर के अचानक दुनिया को अलविदा कहने की खबर ने उनके फैंस को भी हैरान कर दिया है. किसी ने नहीं सोचा था कि वह इस तरह अचानक हमेशा के लिए विदा हो जाएंगे.

दमदार अभिनय से बनाई अलग पहचान

नाना पाटेकर हिंदी सिनेमा के उन कलाकारों में शामिल रहे, जिन्होंने अपने अलग अभिनय अंदाज से खास पहचान बनाई. उन्होंने साल 1978 में फिल्म 'गमन' से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी. इसके बाद उन्होंने 'सिंहासन', 'अंकुश', 'प्रतिघात' और 'सलाम बॉम्बे!' जैसी फिल्मों में काम किया. साल 1992 में आई फिल्म 'अंगार' के लिए उन्हें नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला.

साल 1994 में रिलीज हुई 'क्रांतिवीर' उनके करियर की यादगार फिल्मों में शामिल रही. इस फिल्म के लिए उन्हें नेशनल अवॉर्ड और फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला था.

नाना पाटेकर ने 'परिंदा', 'तिरंगा', 'अग्निसाक्षी', 'खामोशी: द म्यूजिकल', 'वेलकम', 'अपहरण' और 'राजनीति' जैसी फिल्मों में भी अभिनय किया. उन्होंने अपने करियर में विलेन, कॉमेडी और गंभीर किरदारों को भी बखूबी निभाया.

एक्टर ही नहीं, डायरेक्टर और राइटर भी थे

नाना पाटेकर ने डायरेक्टर और राइटर के तौर पर भी काम किया है. फिल्म 'प्रहार: द फाइनल अटैक' से उन्होंने साल 1991 में निर्देशन की शुरुआत की थी.

अभिनय और फिल्मी काम के अलावा नाना पाटेकर किसानों के मुद्दों को लेकर भी लगातार सक्रिय रहे. उनके निधन से फिल्म इंडस्ट्री ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया, जिसकी अभिनय शैली और दमदार संवाद अदायगी की अपनी अलग पहचान थी.