गोवा-मुंबई में घर, 27 एकड़ फार्महाउस... पीछे इतनी संपत्ति छोड़ गए नाना पाटेकर

न्यूज तक डेस्क

• 11:08 AM • 08 Oct 2026

Nana Patekar Net Worth: नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में गोवा में निधन हो गया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उनकी अनुमानित नेटवर्थ करीब 80 करोड़ रुपये थी. उनके पास गोवा, पुणे और मुंबई में संपत्तियां और 27 एकड़ का फार्महाउस था.

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Nana Patekar Net Worth: भारतीय सिनेमा के मशहूर और दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर अब हमारे बीच नहीं रहे. 75 वर्ष की उम्र में गोवा में उनका निधन हो गया. सीने में अचानक दर्द की शिकायत के बाद उनके फ्लैट पर ही प्राथमिक स्वास्थ्य प्रक्रिया (CPR) दी गई, जिसके तुरंत बाद इलाज के लिए उन्हें गोवा स्थित मणिपाल अस्पताल ले जाया गया. डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका और सुबह करीब 5.20 बजे उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया.

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तंगहाली में बीता बचपन, मेहनत से बनाई खास पहचान

1 जनवरी 1951 को मुंबई में जन्मे नाना पाटेकर का शुरुआती जीवन काफी मुश्किलों और आर्थिक तंगी में गुजरा. उनके पिता दिनकर पाटेकर कपड़ों के पेंटिंग कारोबार से जुड़े थे. पारिवारिक व्यवसाय बंद होने के बाद उन्होंने जेब्रा क्रॉसिंग और फिल्मों के पोस्टर पेंट करने का काम भी किया. शुरुआती दिक्कतों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी बेहतरीन कलाकारी के बल पर हिंदी सिनेमा में अपनी एक अमिट छाप छोड़ी. 'क्रांतिवीर', 'तिरंगा', 'वेलकम', 'अब तक छप्पन' और 'गुलाम-ए-मुस्तफा' जैसी सुपरहिट फिल्मों के जरिए उन्होंने दर्शकों के दिलों में बेहद खास जगह बनाई.

करोड़ों की संपत्ति और जायदाद

लगभग चार दशकों तक फिल्म जगत में सक्रिय रहने वाले इस महान कलाकार की अनुमानित कुल संपत्ति मीडिया रिपोर्टों के अनुसार लगभग 80 करोड़ रुपये मानी जाती है. वे अपने पीछे अपनी पत्नी नीलकंती पाटेकर और बेटे मल्हार पाटेकर के लिए मुंबई, पुणे तथा गोवा में अचल संपत्ति छोड़ गए हैं. मुंबई में 1 BHK फ्लैट के साथ पुणे के लॉ कॉलेज रोड पर उनका एक मकान है. इसके अतिरिक्त पुणे के पास खड़कवासला स्थित गांव में उनका 27 एकड़ का विशाल फार्महाउस है, जहां वे गेहूं और धान की खेती करते थे.

'नाम फाउंडेशन' के जरिए किसानों की निरंतर मदद

सादगी पसंद जीवनशैली जीने वाले नाना पाटेकर अपनी खेती से होने वाली कमाई को किसानों में बांट देते थे. समाज कल्याण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए उन्होंने वर्ष 2015 में पुणे मुख्यालय वाले 'नाम फाउंडेशन' (NAAM Foundation) नामक एनजीओ की स्थापना की. इस संस्था के माध्यम से उन्होंने महाराष्ट्र में सूखे से प्रभावित, आर्थिक तंगी से जूझ रहे तथा कर्ज के कारण आत्महत्या करने वाले किसानों के परिवारों को सहायता पहुंचाई. साथ ही, वे गरीब किसान परिवारों की बेटियों के विवाह में भी वित्तीय मदद प्रदान करते थे.