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न्यूज आर्टिकल: नियमों की अनदेखी पड़ी NCB पर भारी, रिया चक्रवर्ती के बैंक खाते 4 साल बाद बहाल
मुंबई की विशेष अदालत ने सुशांत सिंह राजपूत केस से जुड़े ड्रग्स मामले में NCB की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती को बड़ी राहत दी है. कोर्ट ने रिया और उनके परिवार के चार बैंक खातों को फिर से चालू (Unfreeze) करने का आदेश दिया है. अदालत ने स्पष्ट किया कि जांच एजेंसी ने बैंक खाते फ्रीज करते समय जरूरी कानूनी नियमों का पालन नहीं किया, इसलिए इन्हें अब और बंद नहीं रखा जा सकता.
विशेष एनडीपीएस (NDPS) कोर्ट ने रिया, उनके भाई शौविक और मां संध्या चक्रवर्ती के फ्रीज किए गए बैंक खातों को दोबारा शुरू करने की अनुमति दी है.
क्यों लिया कोर्ट ने यह फैसला?
सुनवाई के दौरान विशेष न्यायाधीश यू.सी. देशमुख ने जांच एजेंसी NCB की कार्यप्रणाली पर गंभीर टिप्पणी की. कोर्ट ने पाया कि एनडीपीएस एक्ट की धारा 68F के तहत खातों को फ्रीज करने के जो नियम तय हैं, उनका पालन नहीं किया गया.
कानून के मुताबिक, अगर कोई जांच एजेंसी किसी का बैंक खाता या संपत्ति फ्रीज करती है, तो उसे 30 दिनों के भीतर सक्षम प्राधिकारी (Competent Authority) से इसकी पुष्टि करानी होती है. रिया के मामले में NCB ऐसा करने का कोई सबूत पेश नहीं कर पाई.
वकीलों की दलील और कोर्ट का रुख
रिया चक्रवर्ती के वकील अयाज खान ने अदालत में दलील दी कि बिना कानूनी प्रक्रिया पूरे किए खातों को बंद रखना पूरी तरह गैरकानूनी है. हालांकि, सरकारी वकील ने इसका विरोध करते हुए कहा कि रिया ड्रग सिंडिकेट की सक्रिय सदस्य रही हैं. लेकिन कोर्ट ने साफ किया कि जब नियमों का पालन ही नहीं हुआ तो खातों को फ्रीज रखना गलत है.
2020 से बंद थे खाते
बता दें कि साल 2020 में सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद ड्रग्स एंगल की जांच शुरू हुई थी. इसी दौरान NCB ने रिया और उनके परिवार के ICICI, Axis और Kotak बैंक में मौजूद खातों को फ्रीज कर दिया था. रिया को इस मामले में 28 दिन जेल में भी रहना पड़ा था, जिसके बाद उन्हें जमानत मिली थी. अब करीब 4 साल बाद उन्हें अपनी जमा पूंजी इस्तेमाल करने का हक दोबारा मिला है.
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