सोता रह गया परिवार, बाथरूम में गिरने से हुई बॉलीवुड के मशहूर डायरेक्टर संजय गुप्ता की मौत, सुबह सामने आया हादसा

दीपेश त्रिपाठी

• 02:39 PM • 31 Oct 2026

फिल्म निर्देशक संजय गुप्ता का निधन हो गया है. शुक्रवार रात वे अपने घर के बाथरूम में गिर गए थे. सिर में गंभीर चोट लगने और अधिक खून बहने से उनकी मौत हो गई. हादसे के समय परिवार सो रहा था. शनिवार सुबह घटना का पता चला. पुलिस ने ADR दर्ज किया है.

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बॉलीवुड से एक दुखद खबर सामने आई है. फिल्म निर्देशक और निर्माता संजय गुप्ता का निधन हो गया है. वे 'कांटे', 'जिंदा', 'मुसाफिर' और 'शूटआउट एट वडाला' जैसी फिल्मों के लिए जाने जाते थे. उनके निधन की खबर से फिल्म इंडस्ट्री में शोक है. बताया जा रहा है कि शुक्रवार रात उनके साथ घर में एक हादसा हुआ था. वे बाथरूम में गिर गए थे. इस दौरान उनके सिर में गंभीर चोट लगी और काफी खून बह गया. हैरानी की बात यह है कि पूरी रात परिवार को इस घटना की जानकारी नहीं मिल सकी.

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सुबह सामने आई हादसे की जानकारी

जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार रात संजय गुप्ता अपने घर के बाथरूम में अचानक गिर पड़े थे. गिरने से उनके सिर में गंभीर चोट आई. चोट लगने के बाद काफी खून बह गया और उनकी मौके पर ही मौत हो गई.

हादसे के वक्त घर में परिवार के दूसरे सदस्य भी मौजूद थे. लेकिन सभी लोग सो रहे थे. इस वजह से किसी को भी रात में हुई इस घटना का पता नहीं चला. शनिवार सुबह जब काफी देर तक संजय गुप्ता की कोई हलचल नहीं दिखी, तब परिवार को हादसे की जानकारी मिली.

मुंबई पुलिस ने क्या बताया?

घटना की सूचना मिलने के बाद वर्सोवा पुलिस स्टेशन की टीम मौके पर पहुंची. मुंबई पुलिस के अनुसार, संजय गुप्ता वर्सोवा पुलिस थाना क्षेत्र में स्थित अपने बंगले में रहते थे. उनके साथ पत्नी, दो बच्चे और एक मेड भी रहते थे.

पुलिस ने बताया कि जिस समय यह हादसा हुआ, उस वक्त घर के सभी लोग सो रहे थे. परिवार ने किसी तरह की साजिश या संदेह की आशंका से इनकार किया है. फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है. वर्सोवा पुलिस ने अचानक हुई मौत के मामले में एडीआर दर्ज किया है. पुलिस इस मामले की आगे जांच कर रही है.

फिल्म 'आतिश' से शुरू हुआ था निर्देशन का सफर

संजय गुप्ता ने साल 1994 में फिल्म 'आतिश: फील द फायर' से बतौर निर्देशक अपने करियर की शुरुआत की थी. उनकी पहली ही फिल्म में संजय दत्त, आदित्य पंचोली, रवीना टंडन, करिश्मा कपूर और अतुल अग्निहोत्री जैसे कलाकार नजर आए थे.

इसके बाद उन्होंने 'राम शास्त्र', 'हमेशा', 'जंग' और 'खौफ' जैसी फिल्मों का निर्देशन किया. इन फिल्मों के जरिए उन्होंने एक्शन और थ्रिलर फिल्मों में अपनी अलग पहचान बनाई.

'कांटे' ने दिलाई बॉलीवुड में खास पहचान

संजय गुप्ता के करियर की सबसे चर्चित फिल्मों में साल 2002 में रिलीज हुई 'कांटे' का नाम शामिल है. इस फिल्म ने उन्हें बॉलीवुड में एक अलग पहचान दिलाई. फिल्म की स्टार कास्ट, कहानी पेश करने के अंदाज और निर्देशन की खूब चर्चा हुई थी.  इसके बाद उन्होंने 'जिंदा', 'मुसाफिर', 'शूटआउट एट वडाला', 'जज्बा' और 'काबिल' जैसी फिल्मों का निर्देशन किया. खासतौर पर एक्शन और क्राइम-थ्रिलर फिल्मों में उनका अलग अंदाज देखने को मिला.