स्वर कोकिला लता मंगेशकर की छोटी बहन और भारतीय संगीत जगत की दिग्गज गायिका आशा भोसले को लेकर एक चिंताजनक खबर सामने आ रही है.92 वर्षीय आशा भोसले को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बताया जा रहा है कि उन्हें दिल का दौरा पड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है. फिलहाल डॉक्टरों की एक टीम उनकी सेहत पर पैनी नजर बनाए हुए है.
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डॉक्टर प्रतीत समदानी की देखरेख में इलाज
ब्रीच कैंडी अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर प्रतीत समदानी ने इस खबर की पुष्टि करते हुए बताया कि आशा ताई को उनकी देखरेख में एडमिट किया गया है. हालांकि, अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों ने फिलहाल उनकी स्थिति को लेकर विस्तृत जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया है. इस मुश्किल घड़ी में आशा भोसले का पूरा परिवार अस्पताल में उनके साथ मौजूद है.
करोड़ों फैंस कर रहे हैं जल्द स्वस्थ होने की कामना
जैसे ही आशा भोसले के स्वास्थ्य बिगड़ने की खबर फैली, सोशल मीडिया पर उनके प्रशंसकों और फिल्म जगत के करीबियों के बीच चिंता की लहर दौड़ गई. देश-दुनिया में फैले उनके करोड़ों फैंस 'आशा ताई' के जल्द से जल्द ठीक होकर घर लौटने की दुआएं कर रहे हैं.
सात दशकों का सुरीला सफर
संगीत की दुनिया में आशा भोसले एक ऐसा नाम हैं जिन्होंने 1950 के दशक से अपनी आवाज का जादू बिखेरना शुरू किया था. मंगेशकर परिवार की सुरीली विरासत को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने करियर के शुरुआती दिनों में कई लो-बजट फिल्मों में संघर्ष किया. 1952 की फिल्म 'संगदिल' और संगीतकार सज्जाद हुसैन के साथ उनके काम ने उन्हें पहली बड़ी पहचान दिलाई.
'नया दौर' से मिली वैश्विक पहचान
आशा भोसले के करियर में टर्निंग पॉइंट 1957 में आई बी.आर. चोपड़ा की फिल्म 'नया दौर' साबित हुई. ओ.पी. नय्यर के संगीत और मोहम्मद रफी के साथ उनकी जुगलबंदी ने 'उड़ें जब जब जुल्फें तेरी' और 'मांग के साथ तुम्हारा' जैसे कालजयी गाने दिए. बिमल रॉय की 'परिणीता' और राज कपूर की 'बूट पोलिश' जैसी फिल्मों ने उन्हें इंडस्ट्री में मजबूती से स्थापित कर दिया था.
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