हरियाणा की सियासत में एक बार फिर से हलचल तेज हो गई है. इंडियन नेशनल लोकदल के प्रधान महासचिव अभय सिंह चौटाला ने सरकार और प्रशासन को सीधे तौर पर एक बड़ा चैलेंज दे दिया है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि आने वाले समय में वे प्रदेश में एक बहुत बड़ी रैली करने जा रहे हैं और अगर सरकार ने इस रैली के लिए उन्हें जगह की मंजूरी नहीं दी, तो वे पीछे हटने वाले नहीं हैं. अभय चौटाला ने साफ कर दिया है कि वे किसी भी पाबंदी के आगे झुकेंगे नहीं.
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जुलाई में होगी इनेलो की बड़ी बैठक
अभय सिंह चौटाला ने पार्टी की रणनीति का खुलासा करते हुए बताया कि जुलाई के महीने में इंडियन नेशनल लोकदल अपनी प्रदेश कार्यकारिणी की एक बेहद अहम मीटिंग बुलाने जा रही है. इनेलो हर साल जुलाई में इस तरह की बैठक का आयोजन करती है. इस बैठक के अंदर प्रदेश के सभी जिलों से पार्टी के बड़े पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल होने के लिए आएंगे. इस बैठक का मुख्य मकसद आने वाले समय के बड़े फैसलों पर चर्चा करना है.
कार्यकर्ताओं की मांग पर तय होगा जिला
इनेलो नेता ने रैली के स्थान को लेकर कहा कि वे अपनी मर्जी से कोई फैसला नहीं थोपते हैं. जुलाई की बैठक में सभी जिलों के पदाधिकारियों से बकायदा तौर पर पूछा जाएगा कि वे इस बार किस जिले में रैली का आयोजन चाहते हैं. पिछली बार चौधरी देवीलाल जी की जयंती रोहतक के लोगों की भारी मांग पर रोहतक में मनाई गई थी. इस बार भी बैठक में जिस जिले के लोग सबसे ज्यादा डिमांड करेंगे, सब लोग मिलकर उस पर विचार विमर्श करेंगे और सर्वसम्मति से जिला फाइनल किया जाएगा.
लाखों की संख्या में उमड़ेगी जनता
चौधरी देवीलाल जी की जयंती को लेकर इनेलो नेता ने बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा कि इस बार की जयंती बहुत ही धूमधाम के साथ मनाई जाएगी और इसमें लाखों की संख्या में लोग शामिल होने के लिए पहुंचेंगे. अभय चौटाला ने कहा कि आज हरियाणा के अंदर बहुत बड़ा राजनीतिक बदलाव आ रहा है. लोग भारतीय जनता पार्टी की सरकार से पूरी तरह परेशान और दुखी हो चुके हैं. दूसरी तरफ कांग्रेस का चुनाव से लेकर अब तक भाजपा के प्रति प्रेम उमड़ रहा है. लोग समझ चुके हैं कि दोनों मिलकर प्रदेश को कमजोर कर रहे हैं, इसलिए जनता का भरोसा अब सिर्फ इनेलो पर है.
परमिशन नहीं मिली तो खेत में गाड़ेंगे तंबू
सरकार और प्रशासन को खुली चुनौती देते हुए अभय सिंह चौटाला ने कहा कि वे कोई भी काम ऐसा नहीं करते जिससे उन पर कोई उंगली उठे. वे रैली के लिए बकायदा तौर पर उस जिले के डिप्टी कमिश्नर को एप्लीकेशन लगाएंगे. अगर प्रशासन उन्हें रैली करने की परमिशन दे देता है तो यह बहुत अच्छी बात है, लेकिन अगर सरकार ने किसी दबाव में आकर परमिशन देने से मना कर दिया, तो वे अपने किसान भाइयों का खेत लेकर उसमें तंबू गाड़ देंगे. खेत में तंबू गाड़कर रैली करने के लिए उन्हें सरकार या किसी अधिकारी की परमिशन की कोई जरूरत नहीं है.
विपक्षी नेताओं को भेजेंगे न्योता
गठबंधन और दूसरे राज्यों के नेताओं के शामिल होने के सवाल पर अभय चौटाला ने साफ किया कि वे किसी के सहारे अपनी पार्टी नहीं चलाते हैं और इनेलो अपना खुद का दमखम रखती है. हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि वे अपने पुराने राजनीतिक साथियों को रैली में आने का इनविटेशन जरूर भेजेंगे. जिस नेता के पास समय होगा वह रैली में जरूर आएगा और जो कहीं व्यस्त होगा वह शायद न आ पाए. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश और पंजाब में भी चुनाव होने वाले हैं, ऐसे में सुखबीर सिंह बादल जैसे कई नेता वहां व्यस्त हो सकते हैं.
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