हरियाणा की राजनीति में राज्यसभा चुनाव के बाद शुरू हुआ आरोप-प्रत्यारोप का दौर अब कानूनी लड़ाई में तब्दील होता दिख रहा है. इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के प्रधान महासचिव अभय सिंह चौटाला ने राज्यसभा चुनाव को लेकर दिए गए बयानों पर कड़ा रुख अख्तियार किया है. उन्होंने निर्दलीय विधायक देवेंद्र कादियान, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और कुछ मीडिया संस्थानों को कानूनी नोटिस भेजने का बड़ा एलान किया है.
ADVERTISEMENT
देवेंद्र कादियान के 'झूठ' पर भड़के अभय
अभय चौटाला ने निर्दलीय विधायक देवेंद्र कादियान पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उन्होंने सरासर झूठ बोला है. कादियान ने दावा किया था कि इनेलो के दोनों विधायक निर्दलीय उम्मीदवार का नामांकन दाखिल करवाने साथ गए थे. अभय चौटाला ने इसे चुनौती देते हुए कहा, "एक विधायक होकर इतना बड़ा झूठ बोलना शोभा नहीं देता. रिकॉर्ड के मुताबिक हमारे किसी भी विधायक ने किसी का फॉर्म नहीं भरवाया था. हम कादियान और यह खबर चलाने वाले चैनल को नोटिस भेजेंगे या तो वे माफी मांगें या कोर्ट का सामना करें."
हुड्डा पर मिलीभगत का आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को घेरते हुए अभय चौटाला ने पूछा कि जब दोपहर 3 बजे तक हुड्डा को सब पता था कि कौन से वोट कैंसिल हो रहे हैं और कौन से बीजेपी के पक्ष में जा रहे हैं, तो उन्होंने इसे सार्वजनिक क्यों नहीं किया? अभय ने आरोप लगाया कि हुड्डा खुद बीजेपी उम्मीदवार को जिताने में लगे हुए थे. उन्होंने कहा, "हुड्डा कांग्रेस के एजेंट थे और उन्होंने अपनी आंखों से सारे वोट देखे थे. जो वोट कैंसिल हुए या बीजेपी को गए, वे सब हुड्डा के चहेते लोग हैं."
सीएम सैनी को भी दी चेतावनी
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा इनेलो को कांग्रेस की 'बी टीम' बताए जाने पर भी अभय चौटाला ने कड़ी आपत्ति जताई. उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री यह तय नहीं करेंगे कि हमारा वोट किसे जाएगा. हम किसकी टीम हैं, यह साबित करने के लिए मैं मुख्यमंत्री को भी नोटिस भिजवाऊंगा. उनके पास कौन सा पैमाना है जो वो ऐसी बातें कर रहे हैं?"
"कांग्रेस का मुंह बंद करने के लिए दे देता वोट"
अभय चौटाला ने एक बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि अगर हुड्डा 3 बजे ही बता देते कि उनके विधायक गद्दारी कर रहे हैं, तो वे अपने दोनों विधायकों को कांग्रेस के पक्ष में वोट डालने के लिए कह सकते थे. उन्होंने कहा कि क्योंकि उम्मीदवार एससी समाज से था, इसलिए वे ऐसा फैसला ले सकते थे ताकि कांग्रेसियों का मुंह हमेशा के लिए बंद हो जाए.
ये भी पढ़ें: Haryana Politics: राहुल गांधी ने जिस सीट पर लगाया था 'वोट चोरी' का आरोप, वहां कांग्रेस प्रत्याशी ने ही खींच लिए कदम
ADVERTISEMENT


