दिल्ली में अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीति तेज हो गई है. जननायक जनता पार्टी (JJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजय सिंह चौटाला ने इस कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा है.
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हरियाणा तक से खास बातचीत में अजय चौटाला ने कहा कि दिल्ली में संसद की नाक के नीचे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठा रहे छात्रों पर जिस तरह बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया गया, वह बेहद निंदनीय है. उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान दिव्यांग छात्रों और महिला छात्राओं के साथ भी बदसलूकी और मारपीट की गई.
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
अजय चौटाला ने मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषी पुलिसकर्मियों व अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए. इसके साथ ही उन्होंने नीट (NEET) और अन्य पेपर लीक घोटालों का जिक्र करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई. चौटाला ने कहा कि सरकार लगातार पेपर लीक की घटनाओं को रोकने में असफल साबित हो रही है, इसलिए किसी काबिल व्यक्ति को यह जिम्मेदारी दी जानी चाहिए.
'बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे हालात बनने की चेतावनी'
देशभर में युवाओं और छात्रों के आक्रोश पर बोलते हुए जेजेपी अध्यक्ष ने कहा कि जब-जब देश में बदलाव हुआ है, युवा पीढ़ी ने ही क्रांति की शुरुआत की है. उन्होंने पड़ोसी मुल्कों बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका का उदाहरण देते हुए चेतावनी दी कि अगर युवाओं की आवाज को दबाया गया तो यह आंदोलन पूरे देश में फैलेगा.
देशद्रोह के आरोपों पर दिया जवाब
बीजेपी नेताओं द्वारा उनके बयानों पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कराने की मांग पर अजय चौटाला ने तंज कसते हुए कहा, "अगर मैंने कोई देशद्रोह या राष्ट्रद्रोह की बात की है, तो मुझ पर केस दर्ज क्यों नहीं किया जाता? मैं तो साल भर से इसका इंतजार कर रहा हूं." उन्होंने स्पष्ट किया कि जेजेपी और उनकी छात्र इकाई छात्रों के इस आंदोलन का पूरी तरह से समर्थन करती है.
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