अंबाला बोरवेल हादसा: 220 फीट गहरे बोरवेल में गिरे 4 साल के बच्चे की मौत, 21 घंटे चला रेस्क्यू

हरियाणा के अंबाला में एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है. धनेओरा गांव में 220 फीट गहरे खुले बोरवेल में गिरे 4 साल के मासूम निर्वैर सिंह की जान नहीं बचाई जा सकी. सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने 21 घंटे तक महा-रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया.

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राहुल यादव

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हरियाणा के अंबाला जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है. धनेओरा गांव में एक खुले बोरवेल में गिरे चार साल के मासूम बच्चे निर्वैर सिंह को बचाया नहीं जा सका. सेना, एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की तमाम कोशिशों के बाद, बुधवार तड़के करीब 3:40 बजे बच्चे को 21 घंटे लंबे रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बाहर तो निकाल लिया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. उसे तुरंत अंबाला छावनी के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

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दादा को खाना देने खेत गया था मासूम

यह दुखद घटना मंगलवार सुबह करीब 6:30 बजे की है. मासूम निर्वैर सिंह सुबह अपने पिता मंजीत सिंह के साथ खेत पर गया था. उसके दादा करनैल सिंह सुबह-सुबह ही काम के लिए खेत चले गए थे, जिसके बाद पिता-पुत्र उनके लिए खाना लेकर वहां पहुंचे. खेत में पहुंचने के बाद पिता अपने काम में व्यस्त हो गए और दादा खाना खाने लगे. इसी बीच, अपने दादा के पास बैठा निर्वैर खेलते-खेलते कुछ दूरी पर चला गया.

मिट्टी फेंकते समय धंस गया पैर

वहां खेत में एक 9 इंच चौड़ा और लगभग 220 फीट गहरा बोरवेल खुला हुआ था. मासूम बच्चा कौतूहलवश उस खुले बोरवेल के पास जाकर उसमें सूखी मिट्टी डालने लगा. आशंका जताई जा रही है कि जब वह गड्ढे के अंदर झांकने के लिए झुका, तो बारिश या नमी के कारण बोरवेल के मुहाने की गीली मिट्टी अचानक धंस गई. पैर फिसलने से बच्चा सीधे उस गहरे अंधेरे गड्ढे में समा गया. अचानक आई तेज आवाज को सुनकर पिता मंजीत तुरंत बोरवेल की तरफ दौड़े और बच्चे को आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं आया.

सेना और एनडीआरएफ का महा-रेस्क्यू

हादसे के तुरंत बाद, परिवार और गांव के लोगों ने अपने स्तर पर बच्चे को निकालने का प्रयास किया. जब सफलता नहीं मिली तो सुबह करीब 7:30 बजे जिला प्रशासन को इसकी सूचना दी गई. खबर मिलते ही डिप्टी कमिश्नर अजय सिंह तोमर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की विशेषज्ञ टीमों को रेस्क्यू के लिए बुलाया गया. मंगलवार शाम को हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने भी दुर्घटनास्थल का दौरा कर बचाव कार्य की समीक्षा की और पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया.

बोरवेल खुला छोड़ने वालों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई

इस हादसे ने एक बार फिर खुले बोरवेलों को लेकर बरती जा रही बड़ी लापरवाही को उजागर किया है. डिप्टी कमिश्नर अजय सिंह तोमर ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस को निर्देश दिए हैं कि बोरवेल को खुला छोड़ने वाले जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी धाराओं के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए.

उन्होंने किसानों और आम जनता से भावुक अपील करते हुए कहा कि खेतों या घरों के आसपास बोरवेल को कभी भी खुला न छोड़ें. अगर इस बोरवेल को समय रहते ठीक से सील किया गया होता, तो आज एक मासूम की जान बच सकती थी.

गौरतलब है कि पिछले महीने पंजाब के होशियारपुर में भी ऐसा ही एक मामला सामने आया था, जहां 9 घंटे के रेस्क्यू के बाद एक बच्चे को सुरक्षित निकाल लिया गया था, लेकिन अंबाला के इस हादसे का अंत बेहद दुखद रहा.

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