शंभू बॉर्डर पर सीक्रेट कैमरे लगाकर हो रहा था ये काम, पुलिस को हुई जानकारी तो मचा हड़कंप, दो आरोपी अरेस्ट

Haryana News : हरियाणा की अंबाला पुलिस ने एक ऐसे खौफनाक जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है जो जीटी रोड और सैन्य प्रतिष्ठानों के पास सिम वाले गुप्त सीसीटीवी कैमरे लगाकर उसका लाइव एक्सेस सीधे पाकिस्तान में बैठे देशद्रोहियों को दे रहा था. इस मामले में पुलिस ने दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

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न्यूज तक डेस्क

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Ambala Spy CCTV Camera Haryana: हरियाणा की अंबाला पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. पुलिस के अनुसार इन कुछ संदिग्ध लोगों ने हरियाणा और पंजाब को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण शंभू बॉर्डर और भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों के पास गुप्त CCTV कैमरे लगा रखे थे. इन कैमरों के जरिए देश की बेहद संवेदनशील और खुफिया जानकारी सीधे सरहद पार पाकिस्तान में बैठे आकाओं को भेजी जा रही थी. इस बेहद गंभीर मामले का खुलासा होने के बाद खुफिया एजेंसियों और अंबाला पुलिस में हड़कंप मच गया है. पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इस साजिश में शामिल दो मुख्य आरोपियों को दबोचा लिया है.

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जीटी रोड के सबसे बड़े जंक्शन पर लगाए गए थे कैमरे

अंबाला जिले के एसपी अजीत सिंह शेखावत के मुताबिक, जांच में यह बात सामने आई है कि ये संदिग्ध कैमरे किसी भी सरकारी विभाग द्वारा या किसी निजी व्यक्ति ने अपनी सुरक्षा के लिए नहीं लगाए थे. जब सुरक्षा एजेंसियों को इन अनजान कैमरों पर शक हुआ तो इन्हें तुरंत पोल से उतारा गया और गहनता से इनकी जांच की गई. जांच में यह देखकर अधिकारियों के होश उड़ गए कि ये कोई आम सीसीटीवी कैमरे नहीं थे, बल्कि सीधे सिम कार्ड से चलने वाले (सिम ऑपरेटेड) हाई-टेक कैमरे थे. इनमें पंजाब के तरनतारन जिले के एक व्यक्ति के नाम पर रजिस्टर्ड सिम कार्ड का इस्तेमाल किया जा रहा था, ताकि इंटरनेट के जरिए इनका सीधा लाइव फीड दूर बैठे लोगों को दिया जा सके.

सीधे लाइव फुटेज देख रहा था पाकिस्तान

अंबाला पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए इन दोनों आरोपियों ने इन कैमरों को एक्टिवेट करने के बाद इनका लॉगिन आईडी, गुप्त पासवर्ड और सिम कार्ड का नंबर भारत में किसी को देने के बजाय सीधे विदेश में बैठे हैंडलर्स को सौंप दिया था. जांच में यह पुख्ता संभावना जताई गई है कि इन कैमरों का लाइव फुटेज डायरेक्टली पाकिस्तान में बैठे भारत विरोधी तत्वों के साथ शेयर किया जा रहा था. पकड़े जाने से बचने के लिए इन देशद्रोहियों ने सोशल मीडिया का इस्तेमाल नहीं किया, बल्कि फुटेज, आईडी और पासवर्ड भेजने के लिए 'टेलीग्राम' (Telegram) और 'सिग्नल' (Signal) जैसे एंड-टू-एंड इंक्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स का सहारा लिया था.

शंभू बॉर्डर के साथ सैन्य ठिकानों पर भी थी नजर

इस नेटवर्क ने जासूसी के लिए देश के सबसे महत्वपूर्ण ठिकानों को चुना था. इन्होंने एक कैमरा शंभू बॉर्डर के पास लगाया था जो हरियाणा और पंजाब का बॉर्डर होने के साथ-साथ जीटी रोड का एक बेहद रणनीतिक और महत्वपूर्ण जंक्शन माना जाता है. इसके अलावा, आरोपियों ने एक गांव के इलाके में भी कैमरा लगाया था जिसके ठीक पास में भारतीय सेना के महत्वपूर्ण सैन्य प्रतिष्ठान मौजूद हैं. चौंकाने वाली बात यह है कि ऐसा ही एक मिलता-जुलता जासूसी मॉड्यूल दिल्ली पुलिस ने भी बस्ट किया है, जिसके तार गाजियाबाद, दिल्ली और देश के कई अन्य बड़े शहरों से जुड़े हुए हैं, जहां एक ही नेटवर्क के जरिए ऐसे खुफिया कैमरे लगाए जा रहे थे.

ड्रग्स और हथियारों की तस्करी से जुड़े हैं तार

पुलिस की कड़ी पूछताछ में यह बात भी साफ हो गई है कि गिरफ्तार किए गए आरोपी पंजाब के रहने वाले हैं. इनमें से एक आरोपी छोटी सी दुकान चलाता है और दूसरा खेती-बाड़ी का काम करता है. ये दोनों आरोपी लंबे समय से पाकिस्तान में बैठे तस्करों और हैंडलर्स के साथ लगातार संपर्क में बने हुए थे. ये पहले से ही सीमा पार से होने वाली हथियारों और ड्रग्स की अवैध तस्करी के काले कारोबार में लिप्त थे. इसी तस्करी के चैनल के जरिए पाकिस्तानी आकाओं ने इन्हें भारत के खुफिया ठिकानों पर कैमरे लगाने का स्पेशल टास्क सौंपा था, जिसके बदले इन्हें पाकिस्तान से मोटी रकम यानी फंडिंग मिल रही थी.

पुलिस ने दर्ज किया देशद्रोह का मुकदमा

अंबाला पुलिस ने इस पूरे नेटवर्क के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की तफ्तीश शुरू कर दी है. पुलिस अब इस बात की कड़ाई से जांच कर रही है कि इन दोनों देशद्रोहियों ने शंभू बॉर्डर और सैन्य प्रतिष्ठानों के अलावा देश के अन्य कौन-कौन से शहरों और संवेदनशील इलाकों में इस तरह के सिम वाले खुफिया जासूसी कैमरे इंस्टॉल किए हैं. सुरक्षा एजेंसियों को अंदेशा है कि इस नेटवर्क में कुछ और बड़े नाम भी शामिल हो सकते हैं, जो देश की आंतरिक सुरक्षा को सीधे तौर पर खोखला करने की बड़ी अंतरराष्ट्रीय साजिश रच रहे थे.

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