हरियाणा के भिवानी में पुलिस ने एक ऐसे शातिर हनीट्रैप गिरोह का पर्दाफाश किया है जो मासूम लोगों को झूठे केस में फंसाकर लाखों रुपये की उगाही करता था. इस गिरोह ने 62 वर्षीय एक बुजुर्ग को अपना निशाना बनाया, लेकिन बुजुर्ग की बेटी की सूझबूझ और पुलिस की मुस्तैदी ने आरोपियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया. पुलिस ने इस मामले में एक मां-बेटे और एक महिला वकील समेत चार लोगों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है.
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कैसे बुना गया साजिश का जाल?
मामला तब शुरू हुआ जब भिवानी की एक महिला ने बापोड़ा निवासी 62 वर्षीय धर्मपाल को मकान किराए पर दिलाने का झांसा दिया. उसने धर्मपाल का संपर्क महम (रोहतक) की एक महिला से करवाया. 20 मार्च 2026 को जब धर्मपाल मकान देखने पहुंचे, तो महिला उन्हें एक सुनसान कमरे में ले गई और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया.
जैसे ही धर्मपाल को अनहोनी का अहसास हुआ, वे वहां से किसी तरह बाहर निकल आए. इसके तुरंत बाद गिरोह के सदस्यों ने उन्हें फोन पर धमकाना शुरू कर दिया. उन्होंने धमकी दी कि अगर 5 लाख रुपये नहीं दिए, तो वे उन पर रेप और छेड़खानी का झूठा केस दर्ज करा देंगे.
बेटी की सूझबूझ ने गिरोह को सलाखों के पीछे पहुँचाया
बुजुर्ग धर्मपाल घबरा गए, लेकिन उन्होंने समझदारी दिखाते हुए आरोपियों के साथ हुई बातचीत को रिकॉर्ड कर लिया और अपनी बेटी धीरज को भेज दिया. आरोपियों ने दबाव बनाने के लिए महिला थाने में शिकायत भी दी, लेकिन जब पुलिस ने मेडिकल जांच और बयान की प्रक्रिया शुरू की, तो शिकायतकर्ता महिला वहां से भाग खड़ी हुई.
इसी बीच, धीरज ने पुलिस को पूरी रिकॉर्डिंग सौंपी. पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया. तय योजना के मुताबिक, आरोपियों को 4 लाख रुपये का चेक और 1 लाख रुपये नकद देने के लिए बासिया भवन के पास बुलाया गया. जैसे ही आरोपियों ने पैसे लिए, ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पुलिस टीम ने उन्हें दबोच लिया.
कौन-कौन हुए गिरफ्तार?
पुलिस ने इस मामले में गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है:
- मास्टरमाइंड मां-बेटा: गिरोह चलाने वाली मुख्य महिला और उसका बेटा.
- महिला वकील: जो इस कानूनी जालसाजी में उनका साथ दे रही थी.
- महम की महिला: जिसने बुजुर्ग पर झूठे आरोप लगाए थे.
- बरामदगी: पुलिस ने इनके पास से 1 लाख रुपये नकद, 4 लाख रुपये का चेक, 6 मोबाइल फोन और 2 मोटरसाइकिलें बरामद की हैं.
भिवानी के डीएसपी ने बताया कि यह गिरोह योजनाबद्ध तरीके से लोगों को फंसाता था. पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इस गिरोह ने पहले और कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है.
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