गुरुग्राम में राव इंद्रजीत के आरोपों पर भूपेंद्र सिंह हुड्डा का पलटवार, IAS की गिरफ्तारी को राज्यसभा चुनाव से जोड़ा

भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने गुरुग्राम दौरे पर राव इंद्रजीत के आरोपों का पलटवार करते हुए कहा कि उनके समय जलभराव नहीं होता था और वर्तमान सरकार 'नॉन-परफॉर्मिंग' है. साथ ही, उन्होंने एक IAS अधिकारी की गिरफ्तारी को राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के वोट अवैध करने के सरकारी दबाव से जोड़ा.

गुरुग्राम
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न्यूज तक डेस्क

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हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा बीते रोज गुरुग्राम के दौरे पर पहुंचे. यहाँ कांग्रेस कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं, जिनमें जिला अध्यक्ष वर्धन यादव, पंकज डावर और जितेंद्र भारद्वाज शामिल थे, ने उनका जोरदार स्वागत किया. इस दौरे के दौरान भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने मीडिया से खुलकर बातचीत की और केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के आरोपों, हाल ही में एक IAS अधिकारी की गिरफ्तारी, और प्रदेश के पानी के मुद्दे पर राज्य की बीजेपी सरकार को आड़े हाथों लिया.

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राव इंद्रजीत सिंह के आरोपों पर हुड्डा का तीखा जवाब

केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह अक्सर मंचों से पूर्व की कांग्रेस सरकार पर गुरुग्राम की जमीन को बिल्डरों के हवाले करने और इसे काटने-बांटने का आरोप लगाते रहे हैं. हालांकि वह सीधे तौर पर नाम नहीं लेते, लेकिन उनका इशारा हुड्डा सरकार की तरफ होता है. इस सवाल का जवाब देते हुए भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने राव इंद्रजीत का नाम लिए बिना कहा, "मौजूदा सरकार पूरी तरह से 'नॉन-परफॉर्मिंग' है. ये काम नहीं कर सकते, सिर्फ काम को रोक सकते हैं." हुड्डा ने आगे कहा कि उनके कार्यकाल में गुरुग्राम में कभी जलभराव (वाटरलॉगिंग) की समस्या नहीं हुई क्योंकि उन्होंने नए गुरुग्राम का जो नक्शा बनाया था, उसमें बेहतरीन ड्रेनेज सिस्टम शामिल था. लेकिन वर्तमान सरकार से इसका रखरखाव (मेंटेनेंस) तक नहीं हो पा रहा है.

IAS पंकज अग्रवाल की गिरफ्तारी पर बड़ा दावा

IDFC बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक से जुड़े घोटाले में सीबीआई (CBI) द्वारा IAS अधिकारी पंकज अग्रवाल की गिरफ्तारी पर हुड्डा ने एक बड़ा राजनीतिक दावा किया. हुड्डा ने हरियाणा में हुए राज्यसभा चुनाव को याद करते हुए कहा कि परिणाम आते ही उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ कर दिया था कि इसी अधिकारी को जानबूझकर रिटर्निंग ऑफिसर बनाया गया था.

हुड्डा ने आरोप लगाया, "यह अधिकारी बैंक घोटाले में फंसा हुआ था और इसी का फायदा उठाकर सरकार ने उस पर दबाव बनाया. मजबूरी में इस अधिकारी ने राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस की 4 वैध (Valid) वोटों को अवैध (Invalid) घोषित कर दिया था." हुड्डा ने कहा कि मामला जब सीबीआई के पास पहुंचा तो सरकार की नहीं चली और आखिरकार सच सामने आ गया.

मुख्यमंत्री नायब सैनी के पंजाब दौरों पर उठाए सवाल

हरियाणा में पानी की किल्लत और राजस्थान को पाइपलाइन के जरिए पानी देने के मुद्दे पर बोलते हुए हुड्डा ने मुख्यमंत्री नायब सैनी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री रोज पंजाब चले जाते हैं, लेकिन कभी पंजाब सरकार के सामने हमारे हिस्से का पानी नहीं मांगते.

हुड्डा ने कहा, "एसवाईएल (SYL) के मामले पर सुप्रीम कोर्ट का अंतिम आदेश आ चुका है. केंद्र और राज्य दोनों जगह बीजेपी की सरकार है, फिर भी वे इसे लागू क्यों नहीं करवा रहे? हमारे समय में हांसी-बुटाना नहर का काम पूरा कर लिया गया था, लेकिन उसके बाद पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से स्टे ले लिया. मौजूदा सरकार पिछले 12 सालों में सुप्रीम कोर्ट से वह स्टे तक नहीं हटवा सकी है."


 

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