भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष और कैसरगंज से पूर्व बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह एक बार फिर चर्चा में हैं. इस बार वजह कोई राजनीतिक बयानबाजी या विवाद नहीं, बल्कि उनकी दरियादिली है. बृजभूषण शरण सिंह ने अपने सबसे करीबी और भारतीय कुश्ती संघ के मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय सिंह उर्फ बबलू को एक बेहद कीमती और लग्जरी तोहफा दिया है. उन्होंने संजय सिंह को करीब 1 करोड़ 30 लाख रुपये की कीमत वाली Toyota Vellfire (हाइब्रिड) कार गिफ्ट की है.
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हरियाणा दौरे के बाद मिला यह खास तोहफा
जानकारी के मुताबिक, यह लग्जरी गाड़ी 12 जुलाई की देर शाम संजय सिंह को सौंपी गई. इससे ठीक पहले 10 जुलाई को बृजभूषण शरण सिंह और संजय सिंह इसी कार में सवार होकर दिल्ली से हरियाणा के अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल होने गए थे. 11 जुलाई को हरियाणा से दिल्ली लौटने के बाद, अगले ही दिन यानी 12 जुलाई की शाम को बृजभूषण शरण सिंह ने यह महंगी कार संजय सिंह को गिफ्ट कर दी.
बनारस के मंदिर में हुई नई कार की पूजा
करोड़ों की लग्जरी कार गिफ्ट में मिलने के बाद संजय सिंह 13 जुलाई को अपने गृह क्षेत्र वाराणसी पहुंचे. वहां उन्होंने अपने परिवार के साथ मंदिर में विधि-विधान से कार की पूजा-अर्चना की और इसे अपने काफिले में शामिल कर लिया. इस दौरान संजय सिंह बेहद खुश नजर आए. उन्होंने बृजभूषण शरण सिंह का आभार जताते हुए कहा, "बृजभूषण शरण सिंह मेरे परिवार के सदस्य और अभिभावक जैसे हैं. उन्होंने मुझे कुश्ती संघ का अध्यक्ष बनाकर पहले ही बहुत बड़ा उपहार दिया था, और अब चलने के लिए यह लग्जरी कार भी दे दी. मैं जीवन भर उनका आभारी रहूंगा."
एक तरफ करोड़ों का गिफ्ट, दूसरी तरफ 3 अगस्त को कोर्ट का बड़ा फैसला
संजय सिंह को मिले इस आलीशान तोहफे के बीच बृजभूषण शरण सिंह के लिए एक बड़ी कानूनी खबर भी सामने आई है. महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए कथित यौन उत्पीड़न के मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने अपनी सुनवाई पूरी कर ली है. कोर्ट ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है, जो अब आने वाली 3 अगस्त को सुनाया जाएगा.
बता दें कि साल 2023 में देश के दिग्गज पहलवानों ने सड़कों पर उतरकर बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ लंबा विरोध प्रदर्शन किया था. दिल्ली पुलिस की चार्जशीट के आधार पर मई 2024 में कोर्ट ने ट्रायल चलाने का आदेश दिया था. अब सबकी नजरें 3 अगस्त को आने वाले कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं, जो इस लंबी कानूनी लड़ाई का रुख तय करेगा.
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