हरियाणा के चरखी दादरी शहर में बीते 6 अगस्त को थाने से कुछ ही दूरी पर हुए सनसनीखेज गैंगवार मामले में दादरी पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है. पुलिस ने इस मामले में दो और बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है, जिसके बाद गिरफ्तार किए गए आरोपियों की कुल संख्या छह हो गई है. इस बीच, हमले में घायल हुए एक बदमाश ने इलाज के दौरान मेदांता अस्पताल में दम तोड़ दिया है, जिसके बाद पुलिस ने मामले में हत्या (धारा 103) की धाराएं भी जोड़ दी हैं.
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अब तक 6 आरोपियों की गिरफ्तारी और साजिश का खुलासा
पुलिस द्वारा गठित की गई छह अलग-अलग टीमों ने लगातार दबिश देते हुए इस मामले में अब तक 6 लोगों को हिरासत में लिया है. हाल ही में गिरफ्तार किए गए दो बदमाशों में सचिन (निवासी रावलदी) और रोहित (निवासी कल्याणा) शामिल हैं, जो दोनों बाबा गैंग से ताल्लुक रखते हैं. इससे पहले पुलिस ने रोहित कातिया (निवासी दुवर्धन, झज्जर) को गिरफ्तार किया था, जिसे पुलिस इस पूरे फायरिंग कांड का मुख्य साजिशकर्ता मान रही है. इसके अलावा प्रीत (निवासी साहूवास), युद्धवीरेंद्र (निवासी सांगा) और विश्वजीत उर्फ ढिल्लू (निवासी फतेहगढ़) को भी अरेस्ट किया गया है. गिरफ्तार किए गए ये सभी आरोपी भारतीय न्याय संहिता के तहत साजिश रचने (120B) के आरोपी बनाए गए हैं, जिन्होंने बदमाशों को मुखबरी देने और योजना बनाने में मदद की थी.
इलाज के दौरान घायल की मौत, 15 मुकदमों का था आपराधिक रिकॉर्ड
गैंगवार में स्कार्पियो सवार सात लोग गोलियां लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे. इनमें से एक घायल कीर्तिमान काजला (निवासी गांव टोकस, जिला हिसार) की मेदांता अस्पताल में मौत हो गई है. मृतक कीर्तिमान पर पहले से ही 15 आपराधिक मुकदमे दर्ज थे. उसकी मौत की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने एफआईआर में धाराएं बढ़ाते हुए हत्या का मामला शामिल कर लिया है और शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. वहीं, डीएसपी सचिन ढिल्लों के अनुसार अन्य छह घायलों की हालत फिलहाल खतरे से बाहर और स्थिर बनी हुई है.
स्कार्पियो सवार घायलों की क्राइम कुंडली
वारदात के समय स्कार्पियो गाड़ी में सवार जिन बदमाशों पर हमला हुआ, उनका भी लंबा-चौड़ा आपराधिक इतिहास रहा है. हमले का मुख्य टारगेट अमित फतेहगढ़िया (निवासी फतेहगढ़) था, जिसके खिलाफ अकेले 21 मुकदमे दर्ज हैं. इसके अलावा अंकित उर्फ बाबा (निवासी मानकवास) के खिलाफ 5 मुकदमे, सनी उर्फ विजय (निवासी गंगवा) के खिलाफ 10 मुकदमे, कृष्ण उर्फ भोलाराम (निवासी खैराना) और सूरज (निवासी मानेरू) के खिलाफ 1-1 मुकदमा दर्ज है. इस गाड़ी में सवार केवल एक युवक अंकित (निवासी धराना, भिवानी) ऐसा था, जिसके खिलाफ कोई आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज नहीं था.
फॉर्च्यूनर से राजस्थान भागे शूटर, पुलिस की दबिश जारी
फायरिंग करने वाले तीन मुख्य शूटरों की पहचान पुलिस द्वारा कर ली गई है, हालांकि सुरक्षा कारणों से उनके नाम अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं. सूत्रों के मुताबिक, वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों शूटर पास के ही आर्य समाज मंदिर रोड पर खड़ी एक फॉर्च्यूनर गाड़ी में सवार होकर मौके से फरार हुए थे. बदमाशों की लोकेशन राजस्थान के बहरोड़ तक ट्रेस की गई थी, जिसके बाद उनकी अंतिम लोकेशन गायब हो गई. पुलिस की कई टीमें अब शूटरों को पकड़ने के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं.
शहर में दहशत का माहौल और पुलिस पर बढ़ता दबाव
दादरी शहर थाने से महज कुछ कदमों की दूरी पर दिनदिहाड़े हुई इस गैंगवार से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे हैं. घटना के पीछे प्रदीप कासनिया ग्रुप और बाबा गैंग के बीच की पुरानी रंजिश बताई जा रही है. किसी भी संभावित गैंगवार या दूसरी गैंग द्वारा जवाबी हमले (रिटेलिएशन) को रोकने के लिए दादरी पुलिस आसपास के सभी आपराधिक बैकग्राउंड वाले लोगों पर कड़ी नजर रख रही है. पुलिस अधिकारियों का दावा है कि मुख्य शूटरों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा और उनसे पूछताछ में हथियार व असल वजहों का खुलासा होगा.
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