धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ी CJP, बोली- मांग नहीं मानी तो सरकार से बातचीत का कोई मतलब नहीं

न्यूज तक डेस्क

• 11:18 AM • 25 Jul 2026

NEET पेपर लीक को लेकर CJP और सरकार के बीच बातचीत के बावजूद गतिरोध जारी है. CJP शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ी है. संगठन ने कहा कि मुआवजे और छात्रों पर दर्ज मामलों को लेकर सकारात्मक बातचीत हुई है, लेकिन मुख्य मांग पर फैसला बाकी है.

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NEET पेपर लीक को लेकर जंतर-मंतर पर चल रहे CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के आंदोलन के बीच सरकार और संगठन के बीच गतिरोध खत्म नहीं हुआ है. दूसरे दौर की बातचीत के बाद भी CJP केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर कायम है. संगठन ने साफ कर दिया है कि इस मुद्दे पर सरकार अपना रुख नहीं बदलती है तो आगे की बैठकों का कोई मतलब नहीं रहेगा.

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CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि शुक्रवार को सरकार के साथ हुई बैठक में कुछ मांगों पर सकारात्मक बातचीत हुई. इनमें मुआवजा और प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों का मुद्दा शामिल था. इन दोनों मांगों पर सिद्धांत रूप से सहमति बनने की बात कही गई है.

सरकार से लिखित जवाब का इंतजार

आशुतोष रांका के मुताबिक, संगठन को उम्मीद है कि मुआवजे और छात्रों पर दर्ज मामलों को लेकर सरकार जल्द लिखित जवाब देगी. हालांकि, CJP की सबसे प्रमुख मांग शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर है. इस पर अभी कोई ठोस फैसला सामने नहीं आया है.

रांका ने कहा कि अगर सरकार पहले ही तय कर चुकी है कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देंगे तो उसे यह बात स्पष्ट कर देनी चाहिए. ऐसी स्थिति में बार-बार बैठक करने का कोई औचित्य नहीं रहेगा. इसके बाद संगठन अपनी आगे की रणनीति तय करेगा.

उन्होंने संकेत दिया कि सरकार अपने मौजूदा रुख पर कायम रहती है तो CJP आंदोलन को लेकर कड़ा फैसला ले सकती है.

NTA के 47 अधिकारियों को हटाने पर क्या बोली CJP?

सरकार की ओर से NTA के 47 अधिकारियों को हटाए जाने के फैसले पर भी आशुतोष रांका ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि इस फैसले से जुड़ी पूरी जानकारी सामने आने और उसका अध्ययन करने के बाद संगठन अपनी विस्तृत प्रतिक्रिया देगा.

हालांकि, CJP का कहना है कि अधिकारियों पर कार्रवाई होने से उसकी मुख्य मांग प्रभावित नहीं होती. संगठन के मुताबिक, परीक्षा व्यवस्था में सामने आई गड़बड़ियों, NEET पेपर लीक और इससे जुड़े घटनाक्रम की अंतिम जवाबदेही शिक्षा मंत्री की है. इसी आधार पर संगठन धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है.

सरकार को सौंपा मांगों का चार्टर

CJP प्रतिनिधिमंडल ने सरकार को अपनी मांगों का विस्तृत चार्टर भी सौंपा है. इसमें परीक्षा व्यवस्था में सुधार से जुड़े कई प्रस्ताव रखे गए हैं. संगठन का कहना है कि सरकार इन सुधारों पर गंभीरता से कदम उठाती है तो उसका स्वागत किया जाएगा. इसके बावजूद CJP ने साफ किया है कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर वह समझौता नहीं करेगा.

जंतर-मंतर पर छात्रों का धरना जारी

दूसरी ओर, जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन जारी है. प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं. अब सरकार के अगले कदम पर आंदोलन की आगे की दिशा निर्भर करेगी. CJP ने संकेत दिया है कि सरकार का जवाब मिलने के बाद नई रणनीति पर फैसला लिया जाएगा.