Hansi DC School Order: देशभर के सरकारी स्कूलों की हालत सुधारने की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) 'स्कूल ठीक करो' अभियान चला रही है. इस अभियान के तहत CJP की टीम अलग-अलग राज्यों के सरकारी स्कूलों में जाकर वहां की स्थिति का जायजा ले रही है. लेकिन हरियाणा पहुंचते ही इस अभियान को लेकर विवाद शुरू हो गया है. प्रशासन ने CJP की टीम के स्कूलों में प्रवेश को लेकर सख्त आदेश जारी कर दिया है.
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हांसी डीसी ने जारी किया नो-एंट्री का सख्त आदेश
हांसी के उपायुक्त (DC) राहुल नरवाल की ओर से एक नोटिस जारी किया गया है. इस आदेश के अनुसार, बिना पूर्व अनुमति या वैध उद्देश्य के किसी भी अनअधिकृत या बाहरी व्यक्ति को सरकारी स्कूल परिसर में प्रवेश करने की सख्त मनाही होगी.
नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि बाहरी लोगों के बिना वजह आने से स्कूल के अनुशासन, बच्चों की सुरक्षा और शैक्षणिक माहौल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है. यदि कोई अधिकारी या संस्था प्रमुख इन निर्देशों के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतता है, तो उसकी जवाबदेही तय की जाएगी. इस फैसले को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि बदहाल स्कूलों की तस्वीर सामने लाने से रोकने के लिए यह आदेश जारी किया गया है.
शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने किया फैसले का बचाव
हांसी में ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में पहुंचे प्रदेश के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने डीसी के इस आदेश का पूरी तरह समर्थन किया है. पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है.
महिपाल ढांडा ने कहा कि अगर कोई बाहरी व्यक्ति आकर बच्चों के खाने (मिड-डे मील) में कुछ मिला दे या कोई अप्रिय घटना घट जाए, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को केवल राजनीति चमकाने के लिए स्कूलों में बिना अनुमति घुसने नहीं दिया जाएगा. अगर कोई स्कूल में जाना चाहता है तो उसे स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (SMC), गांव के सरपंच और प्रबुद्ध लोगों को साथ लेकर जाना होगा.
सीजेपी मुहिम का असर और पूर्व की घटनाएं
सीजेपी की इस मुहिम का असर हरियाणा के कई जिलों में देखने को मिला है. हाल ही में भिवानी के तोशाम ब्लॉक अंतर्गत सांगवान गांव के सरकारी स्कूल से मिड-डे मील में कीड़े पाए जाने की खबर सामने आई थी, जिसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए संबंधितों को सस्पेंड भी किया था.
इससे पहले राजस्थान के जयपुर और पश्चिम बंगाल में भी सीजेपी की कोर टीम के सदस्यों पर बदहाली उजागर करने के दौरान हमलों की घटनाएं सामने आ चुकी हैं. हालांकि, सीजेपी का दावा है कि हांसी डीसी का यह आदेश उनकी मुहिम के बढ़ते प्रभाव और प्रशासनिक डर का परिणाम है.
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