'हाथ में जल लेकर खाई कसम, गद्दारों को जड़ से उखाड़ फेंके हाईकमान', राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग पर बरसे विधायक गोकुल सेतिया

हरियाणा राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग को लेकर कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया ने हाथ में जल लेकर कसम खाई और बागी विधायकों को पार्टी से निकालने की मांग की. हुड्डा और हाईकमान को दी सख्त नसीहत.

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न्यूज तक डेस्क

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हरियाणा की राजनीति में राज्यसभा चुनाव के दौरान हुई क्रॉस वोटिंग और वोट कैंसिल होने का मामला अब और गरमा गया है. कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया ने इस पूरे घटनाक्रम पर बेहद सख्त रुख अख्तियार करते हुए अपनी ही पार्टी के हाईकमान को दोटूक नसीहत दे डाली है. सेतिया ने स्पष्ट रूप से कहा है कि पार्टी के भीतर छिपी 'बीमारी' को केवल एंटीसेप्टिक लगाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि इसे जड़ से उखाड़कर फेंकना होगा.

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जल हाथ में लेकर खाई सौगंध 

हरियाणा तक से विशेष बातचीत में गोकुल सेतिया ने बताया कि उन्होंने बाकायदा हाथ में जल लेकर सौगंध खाई है कि उनका दामन पाक-साफ है. उन्होंने कहा, "मैंने प्रेस वार्ता में जल हाथ में लेकर कसम खाई है कि मैंने पार्टी के प्रति पूरी वफादारी निभाई. हालांकि मैं इसके लिए बाध्य नहीं था, लेकिन मेरे मन में यह भाव आया कि सच्चाई सामने आनी चाहिए." सेतिया ने उन चार विधायकों की पहचान सार्वजनिक करने की मांग की है जिनके वोट कैंसिल हुए, ताकि भविष्य में किसी और को ऐसी 'गद्दारी' करने का हौसला न मिले.

नसीहत: 'छुपकर वार करने वालों को निकालो बाहर'

गोकुल सेतिया ने पार्टी नेतृत्व और भूपेंद्र सिंह हुड्डा को मशवरा देते हुए कहा कि जो लोग पर्दे के पीछे रहकर पार्टी को नुकसान पहुंचा रहे हैं, उन्हें तुरंत निष्कासित किया जाना चाहिए. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिन लोगों ने क्रॉस वोटिंग की या वोट कैंसिल कराए, शाम होते-होते उनकी सुरक्षा बढ़ गई और उनके इलाकों के लिए ग्रांट जारी हो गई. सेतिया ने सवाल उठाया कि पार्टी से बढ़कर निजी स्वार्थ नहीं होना चाहिए. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर आज इन चार लोगों पर 'बोल्ड स्टेप' नहीं लिया गया, तो आने वाले विधानसभा चुनावों में यह आंकड़ा और बढ़ सकता है.

'अंतरात्मा की आवाज' और अभय चौटाला पर पलटवार 

अपने चाचा अभय सिंह चौटाला के बयान पर पलटवार करते हुए गोकुल सेतिया ने कहा कि वे राजनीति के मंजे हुए खिलाड़ी हैं, उन्होंने उप-प्रधानमंत्री तक का दौर देखा है. सेतिया ने साफ किया, "मेरी अंतरात्मा भटकने वालों में से नहीं है. मुझे भी लालच दिया गया था कि इलाके के काम करा दिए जाएंगे, लेकिन जिस पार्टी ने मुझे टिकट दी और यहां तक पहुंचाया, उसके साथ बैकवाइटिंग करना सबसे बुरा काम है."

सेतिया ने अंत में दोहराया कि जब तक इन गद्दारों पर 'टैग' नहीं लगेगा, तब तक उन्हें अपने करियर के नाश का अहसास नहीं होगा. अब गेंद कांग्रेस हाईकमान के पाले में है कि वह अपने इस युवा विधायक की 'जड़ से सफाई' वाली सलाह को कितना गंभीरता से लेती है. 

 

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