दीपेंद्र हुड्डा को राहुल गांधी ने मंच से नीचे उतारा? जानिए सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो का वीडियो सच

राहुल यादव

• 03:21 PM • 13 Oct 2026

Deepender Hooda Viral Video: सोशल मीडिया पर राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि राहुल गांधी ने दीपेंद्र हुड्डा को मंच से नीचे उतार दिया. हरियाणा तक की इस रिपोर्ट में जानिए इस वायरल वीडियो के पीछे की पूरी और असली सच्चाई.

चर्चा का विषय बना राहुल गांधी और दीपेंद्र हुड्डा का वीडियो
चर्चा का विषय बना राहुल गांधी और दीपेंद्र हुड्डा का वीडियो
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इन दिनों सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का एक वीडियो बहुत तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो को लेकर कई यूजर ये दावा कर रहे हैं कि राहुल गांधी ने दीपेंद्र हुड्डा को हड़काते हुए मंच से नीचे उतार दिया. राजनीतिक गलियारों में इस क्लिप के सामने आने के बाद चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है और लोग इस बात की तह तक जाने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर उस दौरान मंच पर असल में क्या स्थिति बनी थी.

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वायरल वीडियो और राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं

जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया, विरोधी दलों के साथ-साथ आम यूजर्स ने भी इसे शेयर करना शुरू कर दिया. वीडियो में जिस तरह के दृश्य नजर आ रहे हैं, उसके बाद से राजनीतिक विश्लेषक और कार्यकर्ता अपने-अपने हिसाब से इसके मायने निकाल रहे हैं. कुछ लोगों का कहना है कि यह पार्टी के भीतर के असहज माहौल को दिखाता है, तो वहीं कुछ अन्य लोगों का मानना है कि वीडियो को जिस तरह से पेश किया जा रहा है, हकीकत उससे थोड़ी अलग हो सकती है. हरियाणा की राजनीति में सक्रिय रहने वाले नेताओं और कांग्रेस पार्टी के समर्थकों के बीच भी इस बात को लेकर काफी उत्सुकता बनी हुई है कि राहुल गांधी और दीपेंद्र हुड्डा के बीच मंच पर उस वक्त क्या बातचीत हुई थी.

क्या है इस वायरल क्लिप की असलियत?

जब इस वायरल वीडियो की गहराई से पड़ताल की गई और मौके के हालातों को परखा गया तो यह बात सामने आई कि सोशल मीडिया पर चल रहे दावों और ज़मीनी हकीकत में फर्क हो सकता है. अक्सर राजनीतिक मंचों पर प्रोटोकॉल, भीड़भाड़ या समय की कमी के चलते नेताओं के बीच इशारों में या तात्कालिक रूप से निर्देश दिए जाते हैं, जिन्हें कई बार लोग अलग संदर्भ में जोड़कर पेश कर देते हैं. इस पूरे मामले पर राजनीतिक जानकारों का मानना है कि वीडियो के किसी एक हिस्से को काटकर उसे सनसनीखेज रूप देने की कोशिश की गई है, जबकि अंदरखाने ऐसा कोई बड़ा विवाद या तल्खी नहीं थी जैसी कि चर्चा सोशल मीडिया पर की जा रही है.

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