वेंटिलेटर पर 80 साल के बुजुर्ग को देखने आए परिवार के 8 लोग अग्निकांड की भेट चढ़ गए, CA विवेक अग्रवाल फैमिली कहानी रुला देगी

दिल्ली के मालवीय नगर होटल अग्निकांड में गुरुग्राम के सीए विवेक अग्रवाल और उनके परिवार के 8 सदस्यों की दर्दनाक मौत हो गई. यह परिवार मैक्स अस्पताल में भर्ती अपने बीमार पिता की देखभाल के लिए दिल्ली आया था. पुलिस ने होटल मालिक को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है.

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न्यूज तक डेस्क

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दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में हुआ भीषण होटल अग्निकांड सिर्फ एक प्रशासनिक लापरवाही का मामला नहीं है, बल्कि यह कई हंसते-खेलते परिवारों की बर्बादी की बेहद खौफनाक दास्तां है. इस हादसे ने गुरुग्राम के रहने वाले जाने-माने चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) विवेक अग्रवाल के पूरे परिवार को एक झटके में खत्म कर दिया. जो परिवार अपने बुजुर्ग पिता की जान बचाने की उम्मीद लेकर दिल्ली आया था, वह खुद मौत के मुंह में समा गया.

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बीमार पिता का संबल बनने आए थे दिल्ली

जानकारी के अनुसार, विवेक अग्रवाल के पिता गंभीर फेफड़ों के संक्रमण से पीड़ित हैं और दिल्ली के मैक्स अस्पताल में वेंटिलेटर और इलाज के सहारे जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं. पिता का मनोबल बढ़ाने और उनके इलाज की देखभाल के लिए विवेक अग्रवाल अपनी बुजुर्ग मां, पत्नी और दो बेटियों के साथ दिल्ली आए थे. अस्पताल के पास ही रहने के लिए उन्होंने मालवीय नगर के एक होटल में कमरे बुक किए थे. इसी दौरान विवेक के मौसा, मौसी और एक अन्य रिश्तेदार भी बीमार का हालचाल जानने दिल्ली पहुंचे और उसी होटल में ठहर गए.

रात तक सब कुछ सामान्य था. पूरा परिवार सुबह अस्पताल जाकर पिता से मिलने की तैयारी कर रहा था, लेकिन देर रात अचानक होटल में आग भड़क उठी. देखते ही देखते पूरी इमारत धुएं के गुबार और आग की लपटों से घिर गई. दम घुटने और झुलसने के कारण विवेक अग्रवाल समेत उनके परिवार के 8 लोगों की इस हादसे में दर्दनाक मौत हो गई.

अस्पताल के कमरे में अब भी है अपनों का इंतजार

इस घटना का सबसे मार्मिक बात यह है कि मैक्स अस्पताल के आईसीयू बेड पर पड़े बुजुर्ग पिता को अब तक नहीं मालूम कि उनके बेटे, बहू, पोतियों और अन्य रिश्तेदारों की मौत हो चुकी है. वह अस्पताल के बिस्तर पर लेटे अपनों की आहट का इंतजार कर रहे हैं, जबकि हकीकत यह है कि अब उनकी दुनिया में कोई नहीं बचा जो इस वंश को आगे बढ़ा सके या उनकी देखभाल कर सके.

गुरुग्राम के सेक्टर-46 में पसरा सन्नाटा

हादसे की खबर मिलते ही गुरुग्राम के सेक्टर-46 में रहने वाले विवेक अग्रवाल के पड़ोसियों और करीबियों में शोक की लहर दौड़ गई. पड़ोसियों ने बताया कि विवेक बेहद मिलनसार और सामाजिक व्यक्ति थे. वह सोसाइटी की हर गतिविधि और आरडब्ल्यूए (RWA) के कामों में हमेशा आगे रहते थे. उनकी पत्नी ने बच्चों की परवरिश के लिए अपना बिजनेस तक छोड़ दिया था. दोनों बेटियां पढ़ाई में अव्वल थीं और परिवार की उम्मीदें थीं, लेकिन एक ही रात में सब कुछ तबाह हो गया.

होटल मालिक हिरासत में, पुलिस की सख्त कार्रवाई

इस भीषण अग्निकांड में 21 लोगों की मौत के बाद दिल्ली पुलिस और जांच एजेंसियां पूरी तरह मुस्तैद हो गई हैं. पुलिस ने होटल मालिक लवकेश बजाज को हिरासत में ले लिया है. शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि इस इमारत में पहले खादी की दुकान चलती थी, जिसे तीन साल पहले होटल और गेस्ट हाउस का रूप दे दिया गया था.

पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि क्या होटल के पास वैध फायर एनओसी (NOC) थी और क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था. लापरवाही को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने आरोपी होटल मालिक और उसकी पत्नी के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (LOC) भी जारी कर दिया है ताकि वे देश छोड़कर भाग न सकें. मालवीय नगर थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत गैर-इरादतन हत्या और लापरवाही का मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है.

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