जंतर-मंतर पर 9 दिनों तक शांतिपूर्ण भूख हड़ताल पर बैठे युवा आंदोलनकारी रंगलाल गुर्जर को दिल्ली पुलिस ने सुबह उनके कमरे से हिरासत में ले लिया. पुलिस उन्हें संसद मार्ग (पार्लियामेंट) थाने ले गई, जहां उन्हें बैठाकर रखा गया.
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हिरासत में लिए जाने के बाद रंगलाल गुर्जर ने थाने के अंदर से ही एक वीडियो जारी कर पूरी घटना का खुलासा किया. उन्होंने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण था, तो पुलिस को उन्हें हिरासत में लेने की जरूरत क्यों पड़ी.
यह मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है. 20 जुलाई को अभिनेत्री शबाना आजमी, सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव और वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण की मौजूदगी में रंगलाल का अनशन खत्म कराया गया था. उस समय आश्वासन दिया गया था कि आंदोलनकारी युवाओं पर कोई पुलिसिया कार्रवाई नहीं होगी.
रंगलाल को हिरासत में लिए जाने के बाद योगेंद्र यादव और हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह सहित विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार पर वादाखिलाफी और पुलिसिया दमन का आरोप लगाया है.
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