मानहानि और समन के बीच फंसे ध्रुव राठी, साकेत कोर्ट ने गुरुग्राम स्थित आवास पर भेजा नया समन, जानिए पूरा मामला

न्यूज तक डेस्क

15 Oct 2026 (अपडेटेड: Oct 15 2026 5:01 PM)

Dhruv Rathee Defamation Case: दिल्ली की साकेत कोर्ट ने 2018 के मानहानि मामले में यूट्यूबर ध्रुव राठी के गुरुग्राम स्थित आवास पर नया समन भेजने का निर्देश दिया है. विकास सांकृत्यायन की शिकायत से जुड़े इस मामले में शिकायतकर्ता को समन की तामील के लिए कर्मचारी के साथ गुरुग्राम जाने की अनुमति भी मिली है. जानिए क्या है पूरा मामला और कब होगी अगली सुनवाई.

Dhruv Rathee
साकेत कोर्ट ने ध्रुव राठी के लिए जारी किया नया समन
Google CTA

प्रसिद्ध यूट्यूबर ध्रुव राठी की कानूनी मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती दिखाई दे रही हैं. दिल्ली की साकेत कोर्ट ने 8 साल पुराने एक मामले में ध्रुव राठी के खिलाफ नया समन जारी करने का आदेश दिया है. अदालत का यह आदेश ध्रुव राठी के गुरुग्राम स्थित पते पर भेजा जाएगा. यह पूरा मामला विकास सांकृत्यायन उर्फ विकास पांडे द्वारा दाखिल की गई एक पुरानी याचिका से जुड़ा हुआ है. मामले की गंभीरता को देखते हुए साकेत कोर्ट ने एक विशेष अनुमति भी प्रदान की है. अदालत ने शिकायतकर्ता को समन जारी करने वाले कर्मचारी के साथ खुद गुरुग्राम जाने की अनुमति दी है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि समन सही ढंग से और बिना किसी बाधा के राठी के पते पर तामील (पहुंच) हो सके. इस मामले में अगली सुनवाई 17 अक्टूबर को तय की गई है.

Read more!

क्या है 8 साल पुराना मामला?

जिस मामले में कोर्ट ने नया समन जारी किया है, वह 2018 का है. दरअसल 2018 में ध्रुव राठी ने अपने यूट्यूब चैनल पर 'BJP IT Cell Part 2' नाम से एक वीडियो अपलोड किया था. इस वीडियो में दावा किया गया कि भाजपा आईटी सेल ने विकास पांडे के जरिए महावीर प्रसाद नाम के एक शख्स को रिश्वत देने की कोशिश की थी. साथ ही यह भी आरोप लगाया कि विकास पांडे ने ध्रुव राठी को बदनाम करने के लिए 50 लाख रुपए देने की भी बात कही थी.

इन बातों को आधार बनाते हुए विकास पांडे ने आरोप लगाया कि वीडियो में उनके और भाजपा आईटी सेल के खिलाफ गलत आरोप लगाए है, जिससे की उनकी व्यक्तिगत और सामाजिक छवि को नुकसान पहुंचा है. इसी पर विकास पांडे ने ध्रुव राठी पर झूठे और मनगढ़ंत कहानी बनाने और इमेज खराब करने का आरोप लगाते हुए मानहानि का केस दर्ज कराया था.

मानहानि से लेकर धार्मिक टिप्पणी तक, कई मामलों में घिरे हैं राठी

ध्रुव राठी के खिलाफ यह अकेला अदालती मामला नहीं है. उन पर पहले से ही कई अन्य कानूनी मामले चल रहे हैं:

बीजेपी नेता द्वारा मानहानि का केस: हाल ही में बीजेपी नेता सुरेश करमशी नखुआ ने साकेत कोर्ट में ध्रुव राठी के खिलाफ लाखों रुपये का मानहानि का मुकदमा दायर किया था. नखुआ का आरोप था कि राठी ने जुलाई 2024 में अपलोड किए गए एक वीडियो में उन्हें हिंसक और गाली-गलौज करने वाला ट्रोलर कहा था. इस मामले में अदालत ने पहले ही नोटिस जारी कर दिया था.

सनातीय देवी-देवताओं पर टिप्पणी का विवाद: सनातन धर्म और देवी-देवताओं पर टिप्पणी को लेकर भी उनके खिलाफ विवाद गहराया हुआ है. अमित सचदेव नाम के एक शिकायतकर्ता ने वीडियो पर आपत्ति जताते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 और 299 के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज करने की मांग की है.

हाल ही में हिरासत में लिए गए थे ध्रुव राठी

इन अदालती और कानूनी मामलों के बीच, हाल ही में 10 अक्टूबर 2026 को दिल्ली और गुरुग्राम पुलिस ने मिलकर एक बड़ा कदम उठाया था. दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित 'कॉकरोच जनता पार्टी' के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने से पहले पुलिस ने ध्रुव राठी को उनके गुरुग्राम के सेक्टर 56 स्थित आवास से हिरासत में लिया था. लगभग 22 घंटे की लंबी पूछताछ और हिरासत में रखने के बाद पुलिस ने उन्हें रिहा किया था.

फिलहाल, कोर्ट द्वारा जारी नए समन के बाद अब सभी की निगाहें 17 अक्टूबर को होने वाली अगली अदालती सुनवाई पर टिकी हुई हैं.

मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन के बाद विदेश लौटे यूट्यूबर ध्रुव राठी, दिल्ली पुलिस को लेकर किया बड़ा खुलासा!