हिसार महापंचायत: दिग्विजय चौटाला का सरकार को अल्टीमेटम- "इसे 1 दिन का धरना मत समझना, लंबी लड़ाई की तैयारी है"

हिसार में 27 अप्रैल को होने वाली छात्र महापंचायत को लेकर दिग्विजय चौटाला ने सरकार को बड़ी चुनौती दी है और पुलिस प्रशासन पर छात्रों के दमन व पीछा करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं.

दिग्विजय चौटाला
दिग्विजय चौटाला

न्यूज तक डेस्क

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जननायक जनता पार्टी (जजपा) के प्रधान महासचिव दिग्विजय सिंह चौटाला ने हिसार में 27 अप्रैल को होने वाली 'छात्र हित महापंचायत' को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. दिग्विजय ने दो टूक शब्दों में कहा है कि यह लड़ाई केवल एक दिन के धरने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि एक बड़े और लंबे संघर्ष की शुरुआत होगी. उन्होंने कार्यकर्ताओं को 'कपड़े का बैग' साथ लेकर पूरी तैयारी से आने की अपील की है.

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"मुख्यमंत्री का आदर है, लेकिन बदनियति नहीं चलेगी"

हाल ही में मुख्यमंत्री नायब सैनी के खिलाफ कथित अपशब्दों के वायरल वीडियो के बीच दिग्विजय चौटाला के सुर थोड़े नरम लेकिन तल्ख नजर आए. उन्होंने कहा, "मैं मुख्यमंत्री जी का आदर करता हूँ, वे ओबीसी समाज से आने वाले प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री हैं, उनसे उम्मीदें थीं. लेकिन जिस तरह से छात्रों पर अत्याचार हो रहे हैं और झूठे केस दर्ज किए जा रहे हैं, वह बर्दाश्त नहीं होगा." उन्होंने सवाल उठाया कि अगर दो गमले टूटने पर एफआईआर हो सकती है, तो छात्रों को बंदूक दिखाने पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?

बिना नंबर प्लेट की गाड़ियों और 'गुंडागर्दी' का आरोप

दिग्विजय चौटाला ने भिवानी के बामड़ा गांव की एक घटना का जिक्र करते हुए पुलिस प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया. उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी गाड़ियों के आगे-पीछे बिना नंबर प्लेट वाली बोलेरो गाड़ियां और काले शीशे वाली गाड़ियां गुंडागर्दी करती हुई चल रही थीं. उन्होंने इस मामले की शिकायत भिवानी एसपी को भी दी है और इसे डराने की एक नाकाम कोशिश करार दिया है.

यूनिवर्सिटी में 'विचारधारा' के भेदभाव पर सवाल

दिग्विजय ने कुरुक्षेत्र और हिसार यूनिवर्सिटी के मामलों को उठाते हुए कहा कि यूनिवर्सिटी के दरवाजे स्टूडेंट डेमोक्रेसी के लिए बंद किए जा रहे हैं. उन्होंने तीखा सवाल पूछा, "यूनिवर्सिटी में आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद के कार्यक्रम क्यों होंगे? गीता का पाठ पढ़ाया जाए, मुझे समस्या नहीं है, लेकिन अगर उन्हें हॉल फ्री मिल रहे हैं तो हमें क्यों नहीं? छात्रों के अधिकारों की बात करने पर क्रिमिनल केस क्यों दर्ज किए जा रहे हैं?"

राकेश टिकैत की सलाह और परिवार की एकजुटता

किसान नेता राकेश टिकैत द्वारा दी गई सलाह पर प्रतिक्रिया देते हुए दिग्विजय ने कहा कि वे टिकैत परिवार का सम्मान करते हैं और उनकी सलाह पर वे अपने गांव जाएंगे. उन्होंने माना कि बीजेपी के साथ सत्ता में रहने के कारण कुछ नाराजगी हो सकती है, जिसे वे पंचायतों, खापों और किसान संगठनों के बीच जाकर दूर करेंगे. परिवार के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि उनके चाचा रंजीत सिंह और आदित्य चौटाला ने भी छात्रों के साथ हुए व्यवहार को गलत बताया है.

27 अप्रैल को हिसार में जुटान

दिग्विजय ने स्पष्ट किया कि 27 तारीख की महापंचायत केवल दुष्यंत चौटाला के मामले के लिए नहीं है, बल्कि उन छात्राओं और दलित छात्रों के लिए है जिनके साथ पुलिसिया बर्बरता हुई है. उन्होंने कहा, "हमारे पास इतना मटेरियल है कि हम सरकार को शर्मिंदा कर सकते हैं, लेकिन हम चाहते हैं कि निष्पक्ष जांच हो."

 

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