Fake Coins Factory Sonipat:हरियाणा के सोनीपत जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है. बड़ी औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक फैक्ट्री के भीतर पिछले 14 महीनों से नकली सिक्के बनाने का काला कारोबार धड़ल्ले से चल रहा था. इस पूरे फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हरियाणा पुलिस ने नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की सहारनपुर पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी करके किया है. अनुमान जताया जा रहा है कि यह गिरोह देश भर में अब तक करीब 70 करोड़ रुपये के नकली सिक्के बनाकर खपा चुका है.
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पेचकस बनाने के बहाने किराए पर ली थी फैक्ट्री
जांच में सामने आया है कि बड़ी औद्योगिक क्षेत्र में स्थित 450 वर्ग मीटर की यह फैक्ट्री विशाल जैन नामक व्यक्ति की है. जुलाई 2025 में अनुराग पाल उर्फ लंकेश ने प्रॉपर्टी डीलर शिव कुमार कालिया के जरिए 51,000 रुपये प्रति माह के किराए पर यह फैक्ट्री ली थी. आरोपियों ने मकान मालिक को झांसा दिया था कि वे यहां पेचकस और टूल्स बनाने का काम करेंगे. फैक्ट्री के अगले हिस्से में पेचकस बनाने की छोटी मशीनें लगाई गई थीं, ताकि आने-जाने वालों को शक न हो, जबकि अंदरूनी हिस्से में डाई और मशीनों की मदद से 20 रुपये के नकली सिक्के बनाए जा रहे थे.
मास्टरमाइंड उपकार लूथरा समेत 5 गिरफ्तार
सहारनपुर पुलिस ने 11 सितंबर की रात को इस फैक्ट्री पर अचानक रेड मारकर 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. गिरोह का मुख्य सरगना पंजाब के जीरकपुर का रहने वाला उपकार लूथरा उर्फ अभय प्रताप सिंह है, जो 2001 से ही नकली सिक्के बनाने के अवैध धंधे में शामिल रहा है. इसके अलावा पुलिस ने हिमांशु उर्फ गुल्लू, कुलदीप, संतोष चौरसिया उर्फ जनार्दन और अनुराग पाल उर्फ लंकेश को गिरफ्तार किया है. फैक्ट्री से सिक्के बनाने की मशीनें, तैयार नकली सिक्के और भारी मात्रा में कच्चा माल जब्त किया गया है. इस फैक्ट्री में प्रतिदिन लगभग 1,000 नकली सिक्के तैयार करने की क्षमता थी.
सोनीपत पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
थाने से महज आधा किलोमीटर की दूरी पर स्थित फैक्ट्री में इतने बड़े पैमाने पर चल रहे फर्जीवाड़े की भनक सोनीपत पुलिस को न लगने पर अब उसकी खूब किरकिरी हो रही है. स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि दूसरे राज्य की पुलिस आकर हरियाणा में रेड मारती है और सोनीपत पुलिस को इसकी कानों-कान खबर तक नहीं होती. हालांकि, सोनीपत पुलिस अब सहारनपुर पुलिस को जांच में पूरा सहयोग देने की बात कह रही है, लेकिन लापरवाही के सवालों पर चुप्पी साधे हुए है.
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