Haryana News: फरीदाबाद में एक नेशनल लेवल की नाबालिग शूटर के साथ यौन शोषण का मामला सामने आया है. आरोप है कि शूटिंग कोच अंकुश भारद्वाज ने मैच के बाद परफॉर्मेंस रिव्यू करने के बहाने खिलाड़ी को होटल बुलाया और वहां उसका यौन शोषण किया.
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क्या है पूरा मामला?
पूरी घटना 16 दिसंबर 2025 की है. दिल्ली की डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज में एक नेशनल कंपटीशन चल रहा था. इसमें नोएडा की रहने वाली 17 साल की एक शूटर ने हिस्सा लिया था. मैच सुबह 10:30 बजे शुरू हुआ और 11:45 पर खत्म हो गया था. मैच खत्म होने के बाद कोच ने उस शूटर को वहीं रुकने के लिए कहा. लेकिन वो खुद वहां से चला गया और शूटिंग रेंज में वापस नहीं लौटा.शूटर दोपहर 2:00 बजे तक उसका इंतजार करती रही. आरोप है कि 2:00 बजे के बाद उसके व्हाट्सअप पर कोच की कॉल आई. कोच ने उसे फरीदाबाद के सूरजकुंड के एक फाइव स्टार होटल में बुलाया.
शूटर की मां के मुताबिक, कोच का कहना था कि स्पोर्ट्स में उनकी बेटी की एंडोरेंस और स्किल को लेकर बात करनी थी. उसको कुछ चीजें समझानी थी जिससे उसके गेम में सुधार होता. मां ने बताया कि इसी वजह से बेटी को कुछ शक नहीं हुआ और वह कैब बुक करके होटल में कोच से मिलने पहुंच गई.
होटल के कमरे में की जबरदस्ती
शिकायत के मुताबिक, कोच ने पहले पीड़िता को होटल की लॉबी में बैठकर मैच की कमियां लिखने को कहा. इसके बाद उसे होटल के कमरे में बुलाया. जब पीड़िता अपनी बातें नोट करके वापस जाने लगी तो कोच ने उसे रोक कर उसके शोल्डर दबाने शुरू कर दिए. उसने विरोध किया तो कोच ने कहा, मैं तुम्हारा बैक क्रैक कर देता हूं. पीड़िता ने इस पर आपत्ति जताई तो कोच ने उसके साथ जबरदस्ती की और उसे सेक्सुअली असॉल्ट किया.
इसके बाद पीड़िता ने धक्का देकर कोच को दूर किया तो कोच ने उसको धमकी दे दी कि अगर उसने यह बात किसी को बताई तो वह उसका पूरा करियर खराब कर देगा. साथ ही उसे हिदायत दी कि अब वह नॉर्मल बिहेव करें जिससे किसी को इस बात का पता ना चले.
कोच ने माता-पिता से की शिकायत
इसके बाद, पीड़िता अपने पिता के पास उनके दिल्ली में मौजूद दफ्तर में पहुंची. और उनके साथ ही अपने घर पहुंची. इस दौरान कोच अंकुश भारद्वाज ने उसके माता-पिता को भी फोन किया और कहा कि पीड़िता आजकल उसकी बात नहीं सुन रही है. इस पर पीड़िता के घर वालों ने भी उसको डांटा और कोच से बात करने और उनकी बात मानने के लिए कहा.
21 दिन बाद हिम्मत जुटाकर बताई सच्चाई
लोक-लाज और डर के कारण पीड़िता कई दिनों तक चुप रही. इस बीच आरोपी कोच उसके माता-पिता को फोन करके उल्टी शिकायत करता रहा कि उनकी बेटी उसकी बात नहीं सुन रही. करीब 21 दिन बाद पीड़िता ने अपनी मां को सारी सच्चाई बताई. इसके बाद 6 जनवरी को फरीदाबाद के एनआईटी महिला पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई गई.
एनआईटी महिला पुलिस स्टेशन की एसएओ माया कुमारी ने बताया कि मामला गंभीर है और जांच चल रही है. वहीं फरीदाबाद पुलिस प्रवक्ता यशपाल यादव के अनुसार, होटल के CCTV फुटेज जुटाए जा रहे हैं. होटल स्टाफ के बयान दर्ज किए जा रहे हैं. साथ ही पीड़िता की काउंसलिंग कराई जा रही है.
नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) ने आरोपी कोच अंकुश भारद्वाज को सस्पेंड कर दिया है. आरोपी के खिलाफ पोक्सो (POCSO) एक्ट और रेप की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है. फिलहाल कोच फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है.
कौन है आरोपी अंकुश भारद्वाज?
अंकुश भारद्वाज हरियाणा के अंबाला का रहने वाला है और एक जाना-माना शूटिंग कोच है. उसने साल 2007 और 2008 में कई गोल्ड मेडल जीते थे. 2016 में भारतीय टीम को गोल्ड दिलाने में भी उसकी भूमिका थी. यह पहली बार नहीं है जब अंकुश विवादों में है. 2010 में वह डोप टेस्ट में फेल हो चुका है, जिसके बाद भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) ने उस पर प्रतिबंध लगाया था.
(रिपोर्ट: सचिन गौड़)
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