फरीदाबाद के सेक्टर-21C में धनतेरस की रात हुई परमजीत धनखड़ की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. क्राइम ब्रांच सेक्टर-30 की टीम ने हत्या के आरोपी मोहन उर्फ मोनू शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है. आरोप है कि मामूली पार्किंग विवाद के बाद आरोपी ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से परमजीत पर 15 से 16 राउंड फायरिंग की थी. इनमें से 8 से 9 गोलियां उन्हें लगी थीं. वारदात के बाद आरोपी अपने परिवार के साथ फरार हो गया था.
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सिंगापुर से दो दिन पहले लौटे थे परमजीत
परमजीत धनखड़ मूल रूप से हिसार के रहने वाले थे. वह फरीदाबाद के सेक्टर-21C स्थित मकान नंबर 641 की पहली मंजिल पर अपने परिवार के साथ रहते थे. परिवार में उनकी पत्नी, बेटा और बेटी हैं. परमजीत एक बड़ी नेशनल कंपनी में नौकरी करते थे और काम के सिलसिले में सिंगापुर में रह रहे थे. वह घटना से महज दो दिन पहले ही सिंगापुर से अपने घर लौटे थे. 24 नवंबर को उनके भांजे की शादी होनी थी. परिवार में शादी की तैयारियां चल रही थीं. लेकिन इस घटना के बाद घर मेंं मातम छा गया.
पड़ोस में रहने वाले व्यक्ति से हुआ था विवाद
सूरजकुंड थाना प्रभारी प्रहलाद के मुताबिक, परमजीत की कहासुनी उनके मकान की तीसरी मंजिल पर रहने वाले मोहन उर्फ मोनू शर्मा से हुई थी. विवाद की वजह गाड़ी की पार्किंग बताई जा रही है. आरोप है कि कहासुनी बढ़ने के बाद मोहन ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल निकाल ली और परमजीत पर गोलियां चला दीं. अचानक हुई फायरिंग से इलाके में अफरा-तफरी मच गई. आरोपी ने करीब 15 से 16 राउंड गोलियां चलाईं. इनमें से 8 से 9 गोलियां परमजीत को लगीं. गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी.
वारदात के बाद परिवार सहित फरार हुआ आरोपी
फायरिंग के बाद आरोपी अपनी कार से मौके से भाग निकला. इसके बाद वह परिवार के साथ फरार हो गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर आरोपी की तलाश के लिए क्राइम ब्रांच की कई टीमें बनाई गईं. आखिरकार क्राइम ब्रांच सेक्टर-30 की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया.
पहले भी दोनों परिवारों के बीच हो चुकी थी कहासुनी
परमजीत के साले और दोस्त ने बताया कि दोनों परिवारों के बीच पहले भी कई बार विवाद हो चुका था. करीब पांच दिन पहले भी आरोपी ने परमजीत के बेटे सूर्य के साथ गाली-गलौज की थी. इस दौरान गेट तोड़ने का आरोप भी सामने आया था. बताया जा रहा है कि आरोपी फाइनेंस का काम करता है.
परमजीत के दोस्त के मुताबिक, घटना वाले दिन सुबह भी दोनों के बीच कहासुनी हुई थी. इसके बाद शाम को मोहन ने परमजीत को बातचीत के लिए बुलाया. आरोप है कि इसी दौरान उसने उन पर गोलियां चला दीं.
दोस्त ने बताया कि आरोपी ने पहले चार गोलियां चलाईं. जान बचाने के लिए परमजीत भागे तो मोहन घर से बाहर आया और दोबारा चार गोलियां चलाईं. परिजनों और दोस्त ने आरोप लगाया है कि इस वारदात को सोची-समझी साजिश के तहत अंजाम दिया गया.
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