भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को रद्द करने की मांग को लेकर पंजाब के किसानों ने मंगलवार सुबह दिल्ली कूच का ऐलान किया था. अमृतसर, गुरदासपुर और पंजाब के विभिन्न हिस्सों से किसानों का बड़ा काफिला शंभू, कुंडली और खनौरी बॉर्डर पर जुटने लगा था. माहौल को देखते हुए सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई, सड़कों पर बैरिकेड्स लगा दिए गए और क्षेत्र में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 163 लागू कर दी गई.
सोमवार को भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के प्रमुख गुरनाम सिंह चढ़ूनी को दिल्ली में होने वाली किसान महापंचायत से पहले ही हरियाणा पुलिस ने हिरासत में ले लिया था. मंगलवार सुबह जब हजारों किसान सीमाओं पर एकत्र हुए तो सुरक्षा बलों ने दिल्ली जाने वाले रास्तों को पूरी तरह से बंद कर दिया.
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हरियाणा सरकार से बातचीत के बाद सुलझा मामला
इस गतिरोध के बीच हरियाणा के कृषि मंत्री और राज्य सरकार के प्रतिनिधियों (श्याम सिंह राणा) ने किसान प्रतिनिधियों से बातचीत की और उनके सामने प्रस्ताव रखा. किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने मीडिया से बातचीत करते हुए पुष्टि की कि सरकार के साथ हुई वार्ता में किसानों की दो सबसे प्रमुख मांगें स्वीकार कर ली गई हैं:
हिरासत में लिए गए किसान नेताओं की तुरंत रिहाई: हरियाणा पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए बीकेयू प्रमुख गुरनाम सिंह चढ़ूनी और वीएम सिंह (बीएम सिंह) समेत तमाम किसान नेताओं को तुरंत प्रभाव से रिहा किया जाएगा. किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग/कॉल के जरिए रिहाई की पुष्टि करेंगे.
केंद्रीय कृषि मंत्री से आधिकारिक वार्ता: हरियाणा के कृषि मंत्री ने आश्वासन दिया है कि 7 से 10 दिनों के भीतर आधिकारिक पत्र जारी कर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ किसान प्रतिनिधिमंडल की औपचारिक बैठक कराई जाएगी.
क्या दिल्ली कूच फिलहाल टल गया है?
किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने बताया कि सरकार द्वारा मांगें मान लिए जाने के बाद फिलहाल शंभू बॉर्डर से आगे बढ़ने की कोई योजना नहीं है. हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आंदोलन पूरी तरह से समाप्त करने का फैसला तुरंत नहीं लिया गया है.
पंढेर के अनुसार, हिरासत में लिए गए सभी किसान नेताओं की सुरक्षित रिहाई की पुष्टि होने और 'देश बचाओ मोर्चा' तथा विभिन्न किसान यूनियनों के सभी वरिष्ठ नेताओं के साथ संयुक्त बैठक करने के बाद ही इस आंदोलन की भावी रणनीति और अंतिम फैसले का आधिकारिक ऐलान किया जाएगा.
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