तिहाड़ जेल में बंद दिल्ली-एनसीआर का कुख्यात गैंगस्टर संदीप उर्फ काला जठेड़ी जुड़वा बच्चियों का पिता बन गया है. पिता बनने के बाद वह कई साल बाद कैमरे के सामने नजर आया. दिल्ली की रोहिणी कोर्ट से मानवीय आधार पर मिली 4 घंटे की कस्टडी पैरोल के बाद बुधवार दोपहर करीब 12 बजे काला जठेड़ी को भारी पुलिस सुरक्षा के बीच गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल लाया गया. यहां उसने अपनी पत्नी अनुराधा चौधरी उर्फ 'लेडी डॉन' और अपनी दोनों नवजात बच्चियों से मुलाकात की.
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IVF तकनीक से हुआ बच्चियों का जन्म
काला जठेड़ी के वकील ने कोर्ट में पैरोल याचिका दायर कर बताया था कि अनुराधा चौधरी ने आईवीएफ (IVF) प्रक्रिया के माध्यम से गर्भधारण किया था, जिसकी अनुमति पहले ही अदालत से ली गई थी. हाल ही में मेडिकल इमरजेंसी और तबीयत बिगड़ने के कारण डॉक्टरों को सिजेरियन ऑपरेशन (सी-सेक्शन) के जरिए डिलीवरी करानी पड़ी, जिसके बाद अनुराधा ने जुड़वा बच्चियों को जन्म दिया.
छावनी में तब्दील हुआ अस्पताल परिसर
गैंगस्टर की सुरक्षा और उसकी संवेदनशीलता को देखते हुए गुरुग्राम के अस्पताल परिसर को छावनी में बदल दिया गया था. दिल्ली पुलिस की तीसरी बटालियन और गुरुग्राम पुलिस के सैकड़ों जवान अस्पताल के गेट और वार्ड के बाहर मुस्तैद रहे. जठेड़ी को सिर्फ 4 घंटे की राहत मिली थी, जिसके दौरान वह लगातार पुलिस की पैनी नजरों और कस्टडी में ही रहा.
कोर्ट ने कहा- यह फैसला सिर्फ मानवीय आधार पर
रोहिणी कोर्ट ने अपने आदेश में साफ किया कि यह राहत पूरी तरह से मानवीय गरिमा और पारिवारिक संबंधों को ध्यान में रखकर दी गई है. अदालत ने स्पष्ट किया कि इस पैरोल का जठेड़ी के खिलाफ चल रहे आपराधिक मामलों या विचाराधीन मुकदमों पर कोई असर नहीं पड़ेगा. वकील ने दलील दी कि यह एक असाधारण मामला है क्योंकि शादी, आईवीएफ और बच्चों का जन्म, तीनों ही चीजें न्यायिक निगरानी में पूरी हुई हैं.
बता दें कि सोनीपत के जठेड़ी गांव के रहने वाले संदीप उर्फ काला जठेड़ी ने 12 मार्च 2024 को अनुराधा चौधरी से शादी की थी, तब भी कोर्ट ने उसे 6 घंटे की कस्टडी पैरोल दी थी. शादी के दौरान भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे.
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