Gangster Vinod Kana Murder, Hissar Court Shootout: हरियाणा के हिसार कोर्ट परिसर में गैंगस्टर विनोद पानू उर्फ विनोद काना की दिनदहाड़े गोली मारकर की गई हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. 20 अगस्त 2026 को हत्या के प्रयास के एक मामले में कोर्ट से बरी होने के महज 25 मिनट बाद ही विनोद काना को गोलियों से भून दिया गया था. पुलिस ने मौके से पकड़े गए मुख्य आरोपी राकेश खरड़ को अदालत में पेश कर 3 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है, जिससे पूछताछ के दौरान हत्याकांड की पूरी साजिश का पर्दाफाश हुआ है.
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उज्जैन के महाकाल मंदिर में बनी थी कत्ल की योजना
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि पकड़ा गया आरोपी राकेश खरड़ गांव का रहने वाला है और दिल्ली में कैब चलाता था. राकेश की गहरी दोस्ती अजीत थुराणा गैंग के भाई दीपक से थी.
पिछले महीने राकेश, दीपक और उनका एक अन्य दोस्त उज्जैन में महाकाल मंदिर दर्शन करने गए थे. इसी उज्जैन ट्रिप के दौरान ही गैंगस्टर विनोद काना को ठिकाने लगाने की पूरी रणनीति तैयार की गई थी. उज्जैन से लौटने के बाद राकेश ने गढ़ी गांव के रहने वाले अपने साथी अजय के साथ मिलकर हिसार कोर्ट परिसर में इस वारदात को अंजाम दिया.
2008 से चली आ रही थी खूनी गैंगवार
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गैंगस्टर विनोद काना और अजीत पहलवान दोनों एक ही गांव थुराणा (थूराना) के रहने वाले थे. दोनों के बीच साल 2008 से इलाके में वर्चस्व को लेकर खूनी दुश्मनी चली आ रही थी.
एक आंख गवाने के बाद पड़ा 'काना' नाम: अजीत पहलवान द्वारा किए गए एक हमले में विनोद की एक आंख चली गई थी, जिसके बाद से लोग उसे 'काणा' कहने लगे थे.
सुरक्षा का लवाजमा: करनाल जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद विनोद खुद को असुरक्षित महसूस करता था. वह अपने साथ हमेशा 12 से 15 बॉडीगार्ड रखता था और बुलेटप्रूफ फॉर्च्यूनर गाड़ियों में घूमता था.
पहले नारनौंद कोर्ट में भी हुई थी मारने की कोशिश
आरोपी राकेश ने खुलासा किया कि इससे पहले भी उन्होंने नारनौंद कोर्ट में विनोद काना को मारने का प्लान बनाया था, लेकिन उस दिन विनोद पेशी पर नहीं पहुंचा. इसके बाद भी कई बार हत्या की कोशिश की गई, जो हर बार नाकाम रही. आखिरकार 20 अगस्त को जब विनोद काना अपने 12 साथियों के साथ कोर्ट में केस के फैसले के लिए पहुंचा, तो मौका पाकर उसकी हत्या कर दी गई.
पुलिस रिमांड में खुले कई राज, दूसरे शूटर की भी पहचान
हिसार पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, आरोपी राकेश के खिलाफ दिल्ली और हरियाणा में पहले से करीब 7-8 आपराधिक मामले दर्ज हैं. वहीं वारदात में शामिल दूसरे आरोपी अजय की भी पहचान कर ली गई है, जिसके खिलाफ 5 मामले दर्ज हैं. पुलिस टीम दूसरे आरोपी को पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है और रिमांड के दौरान केस से जुड़े अन्य कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है.
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