CJP प्रदर्शन और किसान मुद्दों को लेकर किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने सरकार पर बड़ा हमला बोला है. हरियाणा तक (Haryana Tak) से खास बातचीत में चढ़ूनी ने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को 'देर आए दुरुस्त आए' करार दिया. उन्होंने कहा कि सरकार भले ही देर से जागी है, लेकिन फैसला सही समय पर लिया गया है. चढ़ूनी ने साफ शब्दों में कहा कि कोई भी आंदोलन या जन-आक्रोश कभी लाठी और डंडों के दम पर नहीं दबाया जा सकता.
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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर बात करते हुए चढ़ूनी ने बताया कि प्रदर्शनकारियों की बाकी शर्तें पहले ही मान ली गई थीं, लेकिन मुख्य मुद्दा इस्तीफे को लेकर अटका हुआ था. सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई बैठकों के बाद आखिरकार इस्तीफा आ गया. चढ़ूनी के मुताबिक, 20 तारीख को हुए लाठीचार्ज के बाद लोगों का गुस्सा और बढ़ गया था, जो सीधे तौर पर सरकार की नीतियों के खिलाफ जनाक्रोश को दर्शाता है.
इसके साथ ही गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित ट्रेड डील को लेकर केंद्र सरकार को गंभीर चेतावनी दी. उन्होंने अंदेशा जताया कि सरकार इस आंदोलन और विरोध प्रदर्शन की आड़ में अमेरिका ट्रेड डील पर हस्ताक्षर कर सकती है. चढ़ूनी ने कहा कि अगर सरकार ने ऐसी कोई गलती की तो देश में इतना बड़ा आंदोलन होगा कि सरकार को अपनी गद्दी छोड़नी पड़ जाएगी.
ट्रेड डील के असर पर बात करते हुए चढ़ूनी ने कहा कि यह देश के साथ सबसे बड़ा धोखा होगा, जिससे देश के करीब 80 करोड़ लोगों की आजीविका पर सीधा खतरा मंडराएगा. उन्होंने कहा कि यह देश को अमेरिका की आर्थिक गुलामी की ओर धकेलने जैसा होगा, जो अंग्रेजों की गुलामी से भी ज्यादा घातक साबित हो सकता है.
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