हरियाणा के गुरुग्राम स्थित बेहद पौश और लग्जरियस माने जाने वाले सुशांत लोक इलाके से एक बड़े एनकाउंटर की खबर सामने आई है. सुशांत लोक फेज-1 (ब्लॉक-ए) में कल देर रात करीब 11:30 बजे (कुछ जानकारी के मुताबिक रात 9:30 बजे से घटनाक्रम शुरू हुआ) बदमाशों और गुरुग्राम पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम के बीच आमने-सामने की मुठभेड़ हो गई. इस ताबड़तोड़ फायरिंग और सीधी भिड़ंत में दीपक नांदल गैंग से जुड़े चार बदमाशों को ढेर कर दिया गया है. वहीं पांचवें बदमाश की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इस खतरनाक मुठभेड़ में क्राइम ब्रांच के भी तीन जवान गोली लगने से घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने पूरे इलाके को सील कर दिया है और मामले की गहन जांच की जा रही है.
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घर में घुसकर गन पॉइंट पर किडनैपिंग और फिरौती की साजिश
एसीपी सदर सिंह और पुलिस जांच से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी वारदात सुशांत लोक के हाउस नंबर 802 में रहने वाले प्रॉपर्टी डीलर विशाल बेरी से जुड़ी हुई है. विशाल बेरी गुरुग्राम के चंदू बुडेड़ा में स्थित प्रसिद्ध एसजीटी (SGT) यूनिवर्सिटी के संस्थापक के बेटे हैं. विशाल अपने इस घर में अकेले ही रहते थे, क्योंकि उनके माता-पिता की मौत हो चुकी है और बहन की शादी हो चुकी है. विदेश में बैठा गैंगस्टर दीपक नांदल लगातार विशाल बेरी से फोन पर करोड़ों रुपये की एक्सटॉर्शन मनी (रंगदारी) मांग रहा था. कल देर रात दीपक नांदल के बेखौफ गुर्गे काले रंग की एक स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार होकर सीधे विशाल बेरी के घर पहुंचे और गन पॉइंट पर उन्हें उनके ही घर में बंधक बना लिया. इन बदमाशों ने घर पर अंधाधुंध फायरिंग भी की, जिसके निशान मकान के शीशों पर साफ देखे जा सकते हैं.
क्राइम ब्रांच का जाल और आमने-सामने की मुठभेड़
गैंगस्टर द्वारा रंगदारी मांगे जाने और इस संभावित हमले की भनक गुरुग्राम पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम को पहले से ही थी. इसी इनपुट के आधार पर क्राइम ब्रांच ने इस पूरे इलाके में अपना जाल (ट्रैप) बिछा रखा था. जैसे ही बदमाशों की स्कॉर्पियो आकर रुकी और उन्होंने मकान पर तांडव मचाना शुरू किया, क्राइम ब्रांच की टीम ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया. पुलिस ने बदमाशों को चारों तरफ से घेर लिया और हथियार डालकर आत्मसमर्पण (सरेंडर) करने को कहा. पुलिस को सामने देख बदमाशों ने सरेंडर करने के बजाय सीधे पुलिस पार्टी पर गोलियां बरसानी शुरू कर दीं. इसके बाद दोनों तरफ से कई राउंड की ताबड़तोड़ फायरिंग हुई. इस जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने चार बदमाशों को मौके पर ही ढेर कर दिया.
मुठभेड़ में 3 पुलिसकर्मी घायल, बदमाशों की हुई पहचान
इस बहादुरी भरे ऑपरेशन में बदमाशों की गोलियों का सामना करते हुए क्राइम ब्रांच सेक्टर-40 के एक एएसआई (ASI) और दो सिपाही गंभीर रूप से घायल हो गए. घायल पुलिसकर्मियों में एएसआई सुनील, सिपाही मंजीत और सिपाही शमशेर शामिल हैं, जिन्हें तुरंत नजदीकी निजी अस्पताल (मेदांता) ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है. मुठभेड़ के बाद डॉक्टरों ने चार बदमाशों को मृत घोषित कर दिया. मारे गए बदमाशों में से तीन रोहतक के रहने वाले बताए जा रहे हैं, जबकि एक की पहचान फतेहाबाद के रूप में हुई है. जानकारी के अनुसार, इन मृतकों में से एक जैवलिन (भाला फेंक) का खिलाड़ी भी था. वहीं, पांचवें घायल बदमाश की पहचान गुरुग्राम के कोटा बिसर गांव के रहने वाले शिवम के रूप में हुई है, जिसकी हालत अस्पताल में गंभीर बनी हुई है.
सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस के सामने खड़े बड़े सवाल
गुरुग्राम पुलिस ने बदमाशों के नापाक मंसूबों को नाकाम कर बड़ी कामयाबी तो हासिल की है, लेकिन इस घटना ने कानून व्यवस्था और इस अति-सुरक्षित इलाके की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. सुशांत लोक फेज-1 एक पूरी तरह से गेटेड और सुरक्षित कॉलोनी है, जहां किसी भी बाहरी व्यक्ति या गाड़ी को बिना पूरी जानकारी के अंदर प्रवेश नहीं करने दिया जाता. ऐसे में ये बदमाश हथियारों से लैस होकर काले रंग की स्कॉर्पियो में इतनी आसानी से अंदर कैसे घुस गए, यह एक बड़ा सवाल है. इसके साथ ही पुलिस इस पहलू की भी बारीकी से जांच कर रही है कि मामला सिर्फ रंगदारी का है या इसके पीछे कोई पुराना लेनदेन या मोटे ब्याज पर दिए जाने वाले फाइनेंस के धंधे का खेल छिपा है. पुलिस ने बदमाशों की स्कॉर्पियो गाड़ी को अपने कब्जे में ले लिया है और सभी मृतकों व घायल बदमाश के पुराने क्रिमिनल डेटा को खंगालने में जुटी है.
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