गुरुग्राम में 70 लाख के नकली इंजेक्शन बरामद, पतला होने के चक्कर में रईसों को लगाया जा रहा था चूना!

गुरुग्राम में ड्रग कंट्रोलर विभाग ने दिल्ली के भगीरथ पैलेस से सप्लाई किए जा रहे 70 लाख रुपये के नकली मोजेरो इंजेक्शन बरामद किए हैं. ये इंजेक्शन हाई-प्रोफाइल लोगों को वजन घटाने के लिए बेचे जा रहे थे.

हरियाणा न्यूज
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धीरज कुमार सिंह

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साइबर सिटी गुरुग्राम में ड्रग कंट्रोलर विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने एक बड़े दवा घोटाले का पर्दाफाश किया है. टीम ने करीब 70 लाख रुपये की कीमत के संदिग्ध और नकली 'मोजेरो' (Mounjaro) इंजेक्शन के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया है. यह इंजेक्शन मुख्य रूप से हाई-प्रोफाइल और एलिट क्लास के लोगों को पतला होने और डायबिटीज कंट्रोल के नाम पर बेचा जा रहा था.

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भगीरथ पैलेस से जुड़ा है कनेक्शन

पकड़ा गया आरोपी दिल्ली के मशहूर दवा बाजार भगीरथ पैलेस से इन इंजेक्शनों की सप्लाई लेकर गुरुग्राम पहुंचा था. उसे गलेरिया मार्केट के पास इंटरसेप्ट किया गया. शुरुआती जांच में पता चला है कि 'हैपमेट' (Hapmet) नामक जिस कंपनी के नाम पर यह बिलिंग की जा रही थी, उसके पास इस दवा को बेचने का लाइसेंस ही नहीं है.

क्यों खतरनाक हैं ये इंजेक्शन?

ड्रग कंट्रोलर डॉ. अमनदीप सिंह ने बताया कि मोजेरो एक एंटी-डायबिटिक ड्रग है, जिसे एली लिली (Eli Lilly) कंपनी बनाती है. इसकी स्टोरेज के लिए 2 से 8 डिग्री सेल्सियस तापमान की सख्त जरूरत होती है.

तापमान का उल्लंघन: आरोपी इन इंजेक्शनों को बिना किसी कोल्ड स्टोरेज या निर्धारित तापमान के सामान्य गाड़ी में लेकर घूम रहा था, जिससे ये दवाएं बेअसर और जहरीली हो सकती हैं.

नकली लेबल: जांच में असली इंजेक्शन और बरामद किए गए इंजेक्शन के लेबल में बड़ा अंतर पाया गया है, जिससे साफ है कि इसे कॉपी करने की कोशिश की गई है.

एलिट क्लास में है भारी मांग

मोजेरो इंजेक्शन आजकल 'वेट लॉस' (Weight Loss) के लिए काफी ट्रेंड में है. अमीर और हाई-प्रोफाइल लोग बिना डॉक्टर की सलाह के इसे पतला होने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं. ड्रग कंट्रोलर के अनुसार, डीसीजीआई (DCGI) ने इसके मिसयूज को रोकने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं, लेकिन काले बाजार में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है.

पुलिस और विभाग की कार्रवाई

पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में लिया है और कंपनी के मालिक 'अभी शर्मा' की तलाश की जा रही है. अखाड़ा परिषद और स्वास्थ्य मंत्रालय के 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत इस मामले की गहराई से जांच की जा रही है ताकि दिल्ली और गुरुग्राम में फैले इस नकली दवाओं के नेक्सस को तोड़ा जा सके.

 

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