गुरुग्राम में महासंकट: भीषण गर्मी में फुंका मुख्य ट्रांसफार्मर, आधे शहर में ब्लैकआउट, रैपिड मेट्रो थमी

गुरुग्राम में भीषण गर्मी और ओवरलोडिंग के कारण शुक्रवार रात सेक्टर-72 का मुख्य ट्रांसफार्मर फुंक गया, जिससे सात सब-स्टेशन ठप हो गए और आधे शहर में ब्लैकआउट हो गया. रैपिड मेट्रो रुकने से हजारों यात्री फंस गए. 44 डिग्री पारे और रेड अलर्ट के बीच लोग परेशान हैं. बिजली बहाली में 8-10 घंटे लगेंगे.

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नीरज वशिष्ठ

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देशभर में पड़ रही रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के बीच दिल्ली से सटे साइबर सिटी गुरुग्राम में बिजली संकट गहरा गया है. शुक्रवार की रात शहर की बिजली व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई. सेक्टर-72 में स्थित 220 केवीए क्षमता वाले मुख्य बिजली घर का एक बड़ा ट्रांसफार्मर अत्यधिक लोड बढ़ने की वजह से अचानक फुंक गया. इस हादसे का असर इतना बड़ा था कि इससे जुड़े सात अन्य सहायक बिजली घर (सब-स्टेशन) भी एक के बाद एक ठप हो गए. इसके कारण आधे से ज्यादा गुरुग्राम में पूरी तरह अंधेरा छा गया.

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बिजली गुल होने से न सिर्फ लोगों के घरों की बत्ती बुझ गई बल्कि शहर की लाइफलाइन कही जाने वाली रैपिड मेट्रो भी जहां की तहां खड़ी हो गई. करीब एक घंटे से ज्यादा समय तक मेट्रो सेवाएं पूरी तरह ठप रहीं, जिसके चलते दफ्तरों से घर लौट रहे हजारों कामकाजी लोग उमस और भीषण गर्मी के बीच ट्रेनों और स्टेशनों पर फंस गए.

इन इलाकों में बत्ती गुल, रातभर परेशान रहे लोग

सेक्टर-72 का यह पावर हाउस पूरे गुरुग्राम की बिजली आपूर्ति के लिए रीढ़ की हड्डी माना जाता है. इसके मुख्य ट्रांसफार्मर में आग लगते ही पूरी चेन टूट गई. इसके कारण सेक्टर-15, सेक्टर-38, सेक्टर-44, सेक्टर-46, सेक्टर-52, सेक्टर-56 और मारुति का 66 केवीए का बिजली घर पूरी तरह बंद हो गया.

इस तकनीकी खराबी के चलते गुरुग्राम के सेक्टर-15 (पार्ट 1 और 2), सेक्टर-18, और सेक्टर-38 से लेकर सेक्टर-57 तक के सभी रिहायशी इलाकों में पूरी तरह से ब्लैकआउट हो गया. उमस भरी रात में बिना पंखे, कूलर और एसी के स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा.

मौसम का रेड अलर्ट और ओवरलोडिंग की मार

गुरुग्राम में इन दिनों तापमान आसमान छू रहा है. शुक्रवार को दिन का अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जबकि रात के साढ़े दस बजे भी पारा 35 डिग्री के आसपास बना हुआ था. मौसम विभाग (IMD) ने हरियाणा में 24 मई तक भीषण लू का रेड अलर्ट जारी कर रखा है.

दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) के अधिकारियों के मुताबिक, इस जानलेवा गर्मी की वजह से घरों में एसी और कूलरों का इस्तेमाल रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है. इसी अत्यधिक लोड को बिजली का ढांचागत सिस्टम बर्दाश्त नहीं कर पा रहा है. इससे पहले द्वारका एक्सप्रेसवे के पास सेक्टर-99 से 102 के बीच अंडरग्राउंड केबल ज्यादा गर्म होकर फटने से करीब 4500 परिवारों को 10 घंटे तक बिना बिजली के रहना पड़ा था.

बहाली में लगेगा समय, मुंबई भी बिजली संकट की चपेट में

बिजली विभाग के इंजीनियर और तकनीकी टीमें रात से ही जले हुए ट्रांसफार्मर को बदलने और मरम्मत के काम में जुटी हुई हैं. अधिकारियों का कहना है कि सिस्टम को पूरी तरह ठीक करने में कम से कम 8 से 10 घंटे का समय लगेगा. शनिवार सुबह तक ही प्रभावित इलाकों में बिजली की सुचारू सप्लाई शुरू होने की उम्मीद है.

दूसरी तरफ, बिजली संकट का यह असर सिर्फ दिल्ली-एनसीआर तक ही सीमित नहीं है. शुक्रवार रात देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के भी कुछ हिस्सों में बड़ा पावर कट देखने को मिला. वहां दादर के किंग्स वे रिसीविंग स्टेशन में तकनीकी खराबी (एयर ट्रिप फॉल्ट) आने से दो ट्रांसफार्मर ट्रिप हो गए, जिससे दादर, वडाला और पारसी कॉलोनी जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में अंधेरा छा गया और लोग उमस में परेशान होते रहे.

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