साइबर सिटी या 'सरोवर सिटी'? गुरुग्राम में पहली बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात, लोगों के बेसमेंट में घुसा पानी

नीरज वशिष्ठ

• 03:05 PM • 08 Jul 2026

Gurgaon Waterlogging: दिल्ली-एनसीआर में मानसून की पहली तेज बारिश ने गुरुग्राम की व्यवस्था की पोल खोल दी. साइबर सिटी कहलाने वाले गुरुग्राम में कई इलाकों में 3 फीट तक जलभराव हो गया, जिससे सड़कें नदी में तब्दील हो गईं, 2 से 3 किलोमीटर लंबा जाम लग गया और लोगों के घरों व बेसमेंट में पानी घुस गया. मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी दी है.

Gurgaon Waterlogging
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दिल्ली-एनसीआर में हुई पहली मानसून की मूसलाधार बारिश ने जहां एक तरफ लोगों को भीषण और उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत दी है, वहीं दूसरी तरफ यह बारिश अब लोगों के लिए बड़ी आफत का सबब बन चुकी है. साइबर सिटी कहे जाने वाले गुरुग्राम में मानसून की इस पहली ही बरसात ने प्रशासनिक व्यवस्था की पूरी तरह से पोल खोलकर रख दी है. मात्र ढाई से तीन घंटे की बारिश के बाद पूरा पुराना शहर पानी-पानी हो गया है और सड़कों पर बाढ़ जैसे डरावने हालात पैदा हो गए हैं.

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सड़कों पर भरा 3 फीट पानी, लगा किलोमीटर लंबा जाम

गुरुग्राम के बसई रोड इलाके में हालात इस कदर बदतर हो चुके हैं कि सड़कों पर ढाई से तीन फीट तक पानी जमा हो गया है. इस भारी जलजमाव (वाटर लॉगिंग) के कारण यातायात पूरी तरह से ठप पड़ गया है और गाड़ियों की करीब 2 से 3 किलोमीटर लंबी कतारें लग गई हैं. यह भीषण जाम पटौदी चौक से शुरू होकर सोहना चौक तक जा पहुंचा है. वाहनों के पहिए पूरी तरह से थम गए हैं, जिससे वाहन चालकों, विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों को इस मूसलाधार बारिश के बीच बेहद शर्मनाक और कष्टदायक स्थिति का सामना करना पड़ रहा है.

जिला प्रशासन के दावों की खुली पोल, मौके से अधिकारी गायब

मानसून की शुरुआत से पहले जिला प्रशासन के तमाम बड़े अधिकारी लगातार यह बड़े-बड़े दावे कर रहे थे कि इस बार शहर में ड्रेनेज और सीवरेज व्यवस्था की पूरी तरह से सफाई कर दी गई है. हालांकि, बसई रोड और पुराने शहर के अन्य इलाकों की तस्वीरें इन दावों को पूरी तरह से खोखला साबित कर रही हैं. स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इलाके में ना तो ड्रेनेज की सफाई की गई और ना ही सीवरेज को दुरुस्त किया गया. सबसे बड़ी बात यह है कि प्रशासन ने मानसूनी बारिश के दौरान अधिकारियों को मौके पर मुस्तैद रहने के निर्देश दिए थे, लेकिन ग्राउंड जीरो पर कोई भी अधिकारी स्थिति को संभालने के लिए मौजूद नहीं है.

घरों और बेसमेंट में घुसा पानी, भारी नुकसान की आशंका

जलभराव की यह समस्या केवल सड़कों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि लोगों के घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के बेसमेंट तक में पानी बुरी तरह से घुस चुका है. स्थानीय निवासियों के बेसमेंट पानी में पूरी तरह डूब चुके हैं, जिससे लोगों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है. हालात इतने भयावह हैं कि अगर यह बारिश कुछ देर और इसी तरह जारी रहती, तो स्थिति और भी ज्यादा अनियंत्रित और गंभीर हो सकती थी.

मौसम विभाग की चेतावनी से सहमे लोग

मौसम विभाग ने पहले ही चेतावनी जारी की है कि आने वाले दो से तीन दिनों तक इलाके में इसी तरह की मूसलाधार बारिश देखने को मिल सकती है. पहली ही बारिश में गुरुग्राम का जो हाल हुआ है, उसे देखकर स्थानीय लोग बेहद डरे और सहमे हुए हैं. प्रशासन के दावों की हवा निकालने वाली इन तस्वीरों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि कागजी तैयारियां जमीन पर उतरने से पहले ही पानी में बह जाती हैं.