दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में स्थित हौज रानी के एक होटल में लगी भीषण आग ने कई हंसते-खेलते परिवारों को कभी न भूलने वाला जख्म दिया है. इस भयावह अग्निकांड में कुल 21 लोगों ने अपनी जान गंवाई है, जिसमें सबसे बड़ा झटका गुरुग्राम के सेक्टर-46 में रहने वाले अग्रवाल परिवार को लगा है. अस्पताल में भर्ती अपने बुजुर्ग मुखिया की तीमारदारी के लिए दिल्ली आए इस परिवार के 8 सदस्यों की इस हादसे में झुलसकर मौत हो गई.
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पिता के इलाज के लिए दिल्ली में जुटा था परिवार
जानकारी के मुताबिक, 80 वर्षीय बुजुर्ग राधेश्याम अग्रवाल फेफड़ों की गंभीर बीमारी के कारण मालवीय नगर के मैक्स अस्पताल में आईसीयू में भर्ती हैं. उनकी देखभाल और जरूरत पड़ने पर तुरंत अस्पताल पहुंचने के लिए परिवार के लोग पास के ही एक होटल में रुके हुए थे. बुधवार सुबह जब सभी लोग ब्रेकफास्ट कर रहे थे, तभी अचानक होटल में भीषण आग लग गई और सिलेंडर ब्लास्ट हो गया.
इस हादसे में राधेश्याम अग्रवाल के 48 वर्षीय बेटे विवेक अग्रवाल, बहू तरजनी अग्रवाल, विवेक की मां प्रेमलता अग्रवाल और दो मासूम पोतियों (जीविषा उर्फ एंजल और वार्या उर्फ पर्ल) की दम घुटने और झुलसने से मौत हो गई.
मिसेज इंडिया रह चुकी थीं तर्जनी अग्रवाल
दैनिक भास्कर के मुताबिक, मृतक विवेक अग्रवाल पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) थे और मशहूर कंपनी 'इंश्योरेंस देखो' में फाइनेंशियल हेड के पद पर कार्यरत थे. वहीं उनकी पत्नी तरजनी अग्रवाल एक सफल इवेंट मैनेजर होने के साथ-साथ सोशल वर्क में भी काफी एक्टिव थीं. उन्होंने साल 2023 में 'मिसेज इंडिया' का खिताब भी जीता था और वह वंचित बच्चों के लिए एक एनजीओ चलाती थीं. बच्चों की स्कूल की छुट्टियां होने के कारण वे दोनों बेटियों को भी साथ ले आए थे, लेकिन यह सफर उनके जीवन का आखिरी सफर साबित हुआ.
राजस्थान से आए रिश्तेदार भी हुए हादसे का शिकार
इस घटना में राधेश्याम अग्रवाल का हालचाल जानने के लिए राजस्थान से भी उनके तीन करीबी रिश्तेदार दिल्ली पहुंचे थे. वे भी इसी होटल में ठहरे हुए थे. मृतकों में विवेक के मामा अशोक पंसारी (किशनगढ़ के मार्बल कारोबारी), मौसा जवरी लाल अग्रवाल (70 वर्ष, अजमेर के रिटायर्ड बैंक अधिकारी) और मौसी कमला अग्रवाल (68 वर्ष) शामिल हैं.
दुखद बात यह है कि जवरी लाल ने अभी बीते 1 जून को ही अपनी पत्नी कमला का जन्मदिन मनाया था. उनका बेटा अमेरिका में गूगल में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है जो इस हादसे की खबर सुनकर भारत के लिए रवाना हो चुका है.
'पापा, होटल में आग लगी है...' और कट गया फोन
विवेक की पत्वी तरजनी के पिता प्रेम बंसल ने इस खौफनाक सुबह की आपबीती बताते हुए कहा कि सुबह-सुबह बेटी का घबराया हुआ फोन आया था. उसने कहा, "पापा, हम जिस होटल में रुके हैं वहां आग लग गई है." जब तक प्रेम बंसल बदहवास हालत में होटल पहुंचे, तब तक सब कुछ स्वाहा हो चुका था. वहां सिर्फ आग की लपटें थीं. बाद में डॉक्टरों ने परिवार के किसी भी सदस्य के न बचने की पुष्टि की.
बुजुर्ग पिता को अब तक नहीं दी गई खबर
इस पूरी घटना का सबसे संवेदनशील और भावुक पहलू यह है कि मैक्स अस्पताल में भर्ती बुजुर्ग राधेश्याम अग्रवाल अभी भी इस बात से पूरी तरह अनजान हैं कि उनकी लंबी उम्र की दुआएं मांगने वाला उनका पूरा परिवार अब इस दुनिया में नहीं रहा. अस्पताल में मौजूद अन्य दूर के रिश्तेदार और करीबी इस गहरे सदमे से उबर नहीं पा रहे हैं. पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है.
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