Hansi Police Farmers Clash Independence Day: हरियाणा के हिसार जिले के हांसी में स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई भीषण झड़प का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. सोशल मीडिया पर हांसी के पुलिस अधीक्षक (SP) का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें वे कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों पर पत्थर फेंकते हुए दिखाई दे रहे हैं. वीडियो के वायरल होने के बाद एसपी से इस बारे में खुद मीडिया के सामने आकर जवाब दिया.
ADVERTISEMENT
एसपी का कैमरे पर कबूलनामा और सफाई
वायरल वीडियो पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए हांसी एसपी ने कहा, "उस समय इतनी भीड़ थी और वे पुलिस पर पत्थरबाजी कर रहे थे. भीड़ को तितर-बितर करने और उन्हें दूर रखने के लिए पुलिस ने भी पत्थर फेंके. AK-47 गन को लेकर उन्होंने कहा हमारे गनमैन के पास भी थी और एस्कॉर्ट के गनमौन के पास भी थी, लेकिन ऐसे मौकों पर इस तरह के हथियारों का इस्तेमाल नहीं किया जाता." उन्होंने आगे कहा कि इस झड़प में उनके खुद के अलावा सीआईए इंस्पेक्टर और 5 से 6 अन्य पुलिसकर्मी घायल हुए हैं.
वायरल वीडियो में क्या दिखा?
हांसी हिंसा के वायरल वीडियो में एसपी विनोद कुमार भी नजर आ रहे हैं. वीडियो में वे कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों की तरफ पत्थर फेंकते दिखाई दे रहे हैं. उनके साथ एक पुलिसकर्मी भी है जो हाथ में ढाल लेकर एसपी के आगे चल रहा है. प्रदर्शनकारियों की ओर से भी पत्थरबाजी हो रही थी. पुलिसकर्मी ढाल के जरिए एसपी को पत्थरों से बचाने की कोशिश करता दिख रहा है. इसके बाद एसपी कुछ कदम पीछे हटते नजर आते हैं.
स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम को बाधित करने की थी योजना
एसपी के मुताबिक, हिसार में 10-12 दिन पहले हुए एक मर्डर केस के सिलसिले में बनी कमेटी ने 15 अगस्त को हांसी में राष्ट्रीय ध्वज न फहराने देने और कार्यक्रम को बाधित करने का कॉल दिया था. इसी के चलते उपद्रवी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य गाड़ियों में सवार होकर नाके तोड़ते हुए कार्यक्रम स्थल की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे. जब पुलिस ने उन्हें रोका तो प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया और पुलिसकर्मियों पर ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश की.
200 से अधिक लोगों पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज
इस घटना के बाद हांसी पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए सिटी एसएचओ के बयान पर कई प्रमुख किसान नेताओं और ग्रामीणों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. एफआईआर में सुरेश कोथ, अनिल भालकिया, रोशन लाल पाबड़ा, नरेंद्र कुंडू, रामफल प्रधान, अमरजीत कुंडू, पूर्व सरपंच रवि, अजीत पूनिया, महेंद्र सिहाग, सेवानिवृत्त सब इंस्पेक्टर रामकेश और दयानंद उर्फ दाना दुहन समेत कई लोगों को नामजद किया गया है. इसके अलावा 150 से 200 अन्य महिला व पुरुष प्रदर्शनकारियों पर बीएनएस की विभिन्न गंभीर धाराओं और पीडीपीपी एक्ट (PDPP Act) के तहत मामला दर्ज कर कई लोगों को हिरासत में लिया गया है.
कई गाड़ियां और ट्रैक्टर जब्त, टोल प्लाजा बंद करने की चेतावनी पर पुलिस अलर्ट
पुलिस ने मौके से उपद्रवियों द्वारा लाए गए कई ट्रैक्टरों और गाड़ियों को जब्त कर लिया है. वहीं, प्रदर्शनकारियों द्वारा हिरासत में लिए गए लोगों को न छोड़ने पर टोल प्लाजा ब्लॉक करने की दी गई चेतावनी पर एसपी ने स्पष्ट किया कि यदि कोई भी कानून-व्यवस्था को हाथ में लेने या टोल बंद करने का प्रयास करेगा, तो पुलिस उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी.
ADVERTISEMENT


