Harsh Chhikara Eid Message: देशभर में जहां ईद का त्योहार बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है, वहीं हरियाणा के प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता हर्ष छिकारा ने इस मौके पर एक अनोखी और बड़ी पहल की है. हर्ष छिकारा ने ईद के पावन अवसर पर एक मस्जिद में पहुंचकर मुस्लिम समुदाय के लोगों को बधाई दी और वहीं से समाज को एकजुट करने के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण संदेश दिया. मस्जिद के मंच से बोलते हुए हर्ष छिकारा ने हिंदू-मुस्लिम एकता की वकालत की और गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की पुरजोर मांग उठाई.
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'न हिंदू बुरा है, न मुसलमान बुरा है'
मस्जिद में मौजूद नमाजियों और मुस्लिम समाज के लोगों को संबोधित करते हुए हर्ष छिकारा ने कहा, "सच्चाई यह है कि न तो हिंदू बुरा है और न ही मुसलमान, इंसान कोई बुरा नहीं होता. लेकिन कुछ छोटी-छोटी चीजें हमारे बीच भेदभाव और नफरत की दीवार खड़ी कर देती हैं." उन्होंने कहा कि आज मानवता के नाते कहीं न कहीं हमें तोड़ा जा रहा है और भाई को भाई के सामने दुश्मन बनाया जा रहा है, जिसे रोकना बेहद जरूरी है.
मुस्लिम समाज खुद आगे आकर करे गाय को राष्ट्रीय पशु बनाने की मांग
हर्ष छिकारा ने गाय के मुद्दे पर खुलकर बात करते हुए कहा कि हमारा पूरा हिंदू समाज गाय को माता के समान मानता है. उन्होंने मुस्लिम समुदाय से अपील की, "अगर मुस्लिम समाज खुद आगे बढ़कर यह आवाज उठाएगा कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए और हम इस मांग में हिंदुओं के साथ हैं, तो हमारे बीच की नफरत और दूरियों की दीवार हमेशा के लिए ढह जाएगी." उनका मानना है कि जब मुस्लिम समाज खुद यह मांग करेगा तो सरकार के सामने भी इसे लागू करने के अलावा कोई मजबूरी नहीं बचेगी.
मॉब लिंचिंग और बेकसूरों पर अत्याचार रोकने का फॉर्मूला
भावुक होते हुए छिकारा ने कहा कि आज गाय के नाम पर पता नहीं कितने बेकसूर मुस्लिमों पर अत्याचार होता है. कई बार गरीब का बच्चा मजदूरी के लिए घर से निकलता है, उसका कोई खोट या दुश्मनी नहीं होती, लेकिन गाय के नाम पर होने वाली हिंसा में उसे निशाना बना दिया जाता है. उन्होंने कहा कि अगर गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा मिल जाता है, तो बेकसूर लोगों को टारगेट करना और मॉब लिंचिंग जैसी घटनाएं पूरी तरह से बंद हो जाएंगी.
काटने और बेचने वाले दोनों गुनहगार, हमारी सोच भी जिम्मेदार
हर्ष छिकारा ने समाज की कड़वी सच्चाई को सामने रखते हुए कहा कि गाय को खूंटे पर तब तक रखा जाता है जब तक वह दूध देती है. दूध देना बंद करते ही चाहे हिंदू हो या मुस्लिम, लोग उसे मरने या कटने के लिए सड़कों पर आवारा छोड़ देते हैं. उन्होंने साफ शब्दों में कहा, "जब गाय राष्ट्रीय पशु घोषित हो जाएगी, तो उसे काटने वाले और उसे बेचने वाले, दोनों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए, क्योंकि दोनों ही बराबर के गुनहगार हैं."
एक हाथ हिंदू, तो दूसरा हाथ मुस्लिम
अपने संबोधन के अंत में छिकारा ने देशवासियों को एकता का संदेश देते हुए कहा कि इंसान के दो हाथ होते हैं, अगर एक भी हाथ कट जाए तो इंसान अधूरा हो जाता है. हमारे देश में एक हाथ हिंदू है तो दूसरा हाथ मुसलमान है. दोनों के बिना देश आगे नहीं बढ़ सकता. उन्होंने ईद के इस मुबारक मौके पर सभी मस्जिदों से यह पैगाम पूरे देश में भेजने की अपील की कि पूरा भारत मिलकर गाय को राष्ट्रीय पशु बनाने की मांग कर रहा है.
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