हर्ष छिकारा की दवाई फैक्ट्री क्यों लगा ताला, सील होने के बाद आया बड़ा बयान

हरियाणा के समाजसेवी हर्ष छिकारा की आयुर्वेदिक दवाई फैक्ट्री 'बाबा जी की बूटी' को प्रशासन ने सील कर दिया है. हर्ष ने आरोप लगाया कि बिना जांच रिपोर्ट आए उनकी कंपनी बंद की गई.

Harsh Chhikara
Harsh Chhikara

न्यूज तक डेस्क

follow google news

हरियाणा के मशहूर समाजसेवी और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हर्ष छिकारा की आयुर्वेदिक दवाइयों की फैक्ट्री को प्रशासन ने पूरी तरह सील कर दिया है. हर्ष छिकारा ने खुद इस बात का खुलासा करते हुए सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं और अपने ऊपर लगने वाले 'चंदा चोरी' के आरोपों पर भी खुलकर जवाब दिया है.

Read more!

फैक्ट्री सील होने पर उठाए सवाल

हर्ष छिकारा ने बताया कि वे साल 2015 से 'बाबा जी की बूटी' नाम से आयुर्वेदिक दवाइयों की कंपनी चला रहे थे. इस फैक्ट्री में हेल्थ और आयुर्वेद से जुड़े करीब 150 से ज्यादा प्रोडक्ट्स बनते थे, जिनकी सप्लाई विदेशों तक होती थी. नोएडा में लगी एक राष्ट्रीय प्रदर्शनी में उनकी दवाइयों को पहला स्थान और सम्मान भी मिल चुका था.

हर्ष का आरोप है कि नियमों के मुताबिक पहले दवाइयों के सैंपल लिए जाते हैं और कमी मिलने पर कार्रवाई होती है, लेकिन उनके मामले में प्रशासन ने सीधे फैक्ट्री को सील कर दिया और मुकदमा दर्ज कर दिया. उन्होंने बताया कि करीब 3 महीने पहले इसे पूरी तरह बंद कर दिया गया और जांच रिपोर्ट आज तक नहीं आई है.

अवैध फंडिंग और खातों की जांच

कार्रवाई के बाद हर्ष छिकारा के बैंक खातों और फंडिंग की भी बारीक जांच की गई. हर्ष ने खुलासा किया कि सरकार ने इस बात की भी जांच की कि कहीं उन्हें मेवात, पाकिस्तान या किसी अन्य बाहरी देश से चंदा या फंडिंग तो नहीं मिल रही है. हालांकि, जांच में ऐसा कुछ नहीं मिला. उन्होंने बताया कि उनके खुद के खाते में सिर्फ 36-37 लाख रुपये और उनकी पत्नी के खाते में मात्र 5 हजार रुपये मिले हैं.

'चंदा चोर' के टैग पर खुला चैलेंज

Social Media पर 'चंदा चोर' कहे जाने वाले कमेंट्स पर हर्ष छिकारा ने कड़ा ऐतराज जताया. उन्होंने सोशल मीडिया पर खुला चैलेंज देते हुए कहा, "अगर कोई भी व्यक्ति यह साबित कर दे कि मैंने उसके 10 रुपये भी खाए हैं, तो वह सबूत के साथ मेरे घर आए. मैं पंचायत के सामने उसे दोगुने पैसे लौटाऊंगा और खुद को चोर मानूंगा."

उन्होंने आगे कहा कि जब कोई इंसान तरक्की करता है, तो लोग उसका विरोध करने लगते हैं. उन्होंने साफ किया कि अगर उन्होंने कभी चंदा लिया भी है, तो वह गरीब परिवार की बेटियों की शादियों और मदद के लिए ही इस्तेमाल हुआ है.

 

    follow google news