Haryana Assembly Election 2024: BJP की पहली लिस्ट में 13 जाट नेताओं को टिकट, समझिए क्या है पूरी राजनीति

ललित यादव

05 Sep 2024 (अपडेटेड: Sep 5 2024 12:04 PM)

Haryana Assembly Election 2024: हरियाणा में विधानसभा चुनाव को देखते हुए बीजेपी ने प्रत्याशियों की अपनी पहली लिस्ट जारी कर दी है. इस लिस्ट बीजेपी ने 67 प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है. पहली लिस्ट में बीजेपी ने 8 मंत्रियों का टिकट काटा है, वहीं 27 नए चहरों को मैदान में उतारा है.

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Haryana Assembly Election 2024: हरियाणा में विधानसभा चुनाव को देखते हुए बीजेपी ने प्रत्याशियों की अपनी पहली लिस्ट जारी कर दी है. इस लिस्ट बीजेपी ने 67 प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है. पहली लिस्ट में बीजेपी ने 8 मंत्रियों का टिकट काटा है, वहीं 27 नए चहरों को मैदान में उतारा है. बीजेपी ने अपनी पहली लिस्ट में जातीय समीकरण का खास ध्यान रखा है. बीजेपी अभी 23 सीटों पर प्रत्याशियों की सूची जारी करने के लिए मंथन में जुटी है. 

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पहली लिस्ट में भाजपा ने 14 ओबीसी उम्मीदवारों को टिकट दिया है, वहीं 13 जाट उम्मीदवारों को टिकट देकर जातीय समीकरणों को साधने की कोशिश की है. इस सूची में 8 महिलाओं को भी प्रत्याशी बनाया गया है. इस बार सीएम नायब सैनी करनाल से चुनाव नहीं लड़ेंगे. वह कुरुक्षेत्र की लाडवा सीट से मैदान में हैं. 

बीजेपी ने जातीय समीकरण को साधा

बीजेपी ने हरियाणा विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों की पहली सूची में जातीय समीकरण के जरिए सभी वर्गों को साधने की कोशिश की है. इसके तहत बीजेपी ने 14 ओबीसी जातियों के उम्मीदवारों टिकट दिए गए, जिसमें गुर्जर, यादव, कश्यप, कुम्हार, कंबोज, राजपूत और सैनी आदि सबको जगह मिली है.

27 नए चेहरे पर खेला दांव

इसके अलावा, 13 दलितों को भी बीजेपी हरियाणा विधानसभा के चुनावी मैदान में उतारा हैं जिनमें वाल्मिकी, धानक, बावरिया और बाजीगर के साथ जाटव समाज को भी इस लिस्ट में प्राथमिकता दी गई है. भाजपा ने बनिया, विश्नोई, ब्राह्मण, जाट, पंजाबी, सिख, राजपूत और जाट सिख को भी पहली पहली सूची में जगह दी है. इस सूची में 27 नये चेहरे भी भाजपा ने मैदान में उतारे हैं. 

जाटों के नाराजगी दूर करने की रणनीति

हरियाणा में सबसे बड़ा वोट बैंक जाट वोटर  करीब 22.2% जाट हैं. पिछले चुनावों में जाटों की नाराजगी को देखने को मिली. किसान आंदोलन के बाद पार्टी ने जाट वोटर की नाराजगी से बचने के लिए अपनी पहली सूची में 13 प्रत्याशियों को मैदान में उतारा, इसकी एक वजह जाट वोट बैंक का कई पार्टियों में बंटा होना भी है, हरियाणा में बीजेपी ने पिछले 2 चुनावों में गैर जाट चेहरा मनोहरलाल खट्टर को सीएम बनाया. इससे जाट समाज में लंबे समय से नाराजगी देखी जा रही है. 

बीसी वर्ग को साधने का प्रयास

बीजेपी से जाट वोट बैंक छिटकने के बाद बाद बीजेपी ने प्रदेश में दूसरे नंबर के सबसे बड़े वोट बैंक बीसी वर्ग का भी अपनी ओर करने के लिए दांव चला. प्रदेश में बीसी वोट बैंक करीब 21% हैं. जाट वोट बैंक का कई पार्टियों में बंट जाने के कारण बीजेपी ने चुनावों से ठीक पहले बीसी समाज से आने वाले बड़े नेता नायब सैनी को सीएम की कुर्सी पर बैठाया. वहीं अपनी पहली सूची में 14 बीसी प्रत्याशी को टिकट दिया है.