'20 साल हुड्डा की वफादारी की, उन्होंने ही...', कांग्रेस से सस्पेंड होने पर जरनैल सिंह का फूटा गुस्सा

Jarnail Singh on Suspension: हरियाणा कांग्रेस में सस्पेंशन के बाद जरनैल सिंह का फूटा गुस्सा, पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर लगाए गंभीर आरोप. 20 साल की वफादारी का हवाला देते हुए बोले- 'पीठ में छुरा घोंपा गया.' जानिए क्रॉस वोटिंग विवाद के बीच पूरा सियासी घमासान और आगे की रणनीति.

Jarnail Singh suspension
Jarnail Singh suspension

राहुल यादव

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हरियाणा कांग्रेस से निलंबित किए जाने के बाद रतिया से विधायक जरनैल सिंह ने पार्टी और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. जरनैल सिंह ने इस कार्रवाई को 'एकतरफा' और धक्काशाही करार देते हुए कहा कि पार्टी ने उनका पक्ष सुने बिना ही यह कठोर फैसला लिया है. उन्होंने दुख जताते हुए अपने वफादारी की दुहाई देते हुए बड़ी बात कही है. आइए विस्तार से जानते है पूरी बात.

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'हुड्डा की वफादारी का मिला ये इनाम'

भूपेंद्र सिंह हुड्डा का नाम लेते हुए जरनैल सिंह ने अपना दर्द बयां किया. उन्होंने कहा, 'मुझे इस बात का बहुत दुख है कि जिस आदमी (हुड्डा) की मैंने 20 साल तक वफादारी की, उन्होंने ही मुझे यह इनाम दिया है. हमने कभी नहीं सोचा था कि पार्टी इस तरह से पीठ में छुरा घोपेगी.' उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी वफादारी का सिला उन्हें सस्पेंशन के रूप में मिला है.

'रतिया में मैंने कांग्रेस को जिंदा किया'

जरनैल सिंह ने पार्टी को अपनी मेहनत की याद दिलाते हुए कहा कि रतिया में कांग्रेस की स्थिति बेहद खराब थी और कभी वहां जीत नहीं मिलती थी. उन्होंने दावा किया, 'रतिया में अगर कांग्रेस पार्टी आज जिंदा है, तो वो जरनैल सिंह और मेरे साथियों की मेहनत की वजह से है. हमने पार्टी को मजबूत करने के लिए दिन-रात एक किया, लेकिन आज पार्टी ने ही हमें बाहर का रास्ता दिखा दिया.'

'जवाब देने के बावजूद हुई एकतरफा कार्रवाई'

सस्पेंशन की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए विधायक ने कहा कि उन्हें नोटिस मिला था और उन्होंने उसका लिखित जवाब भी दिया था. उन्होंने कहा, 'जवाब देने के बाद कम से कम हमें व्यक्तिगत रूप से बुलाकर पूछना चाहिए था, लेकिन हाईकमान ने एकतरफा कार्रवाई की. मुझे तो मीडिया के माध्यम से पता चला कि मुझे सस्पेंड कर दिया गया है.'

अब जनता की अदालत में होगा फैसला

भविष्य की रणनीति पर जरनैल सिंह ने कहा कि वे फिलहाल कांग्रेस के सच्चे सिपाही हैं, लेकिन इस अपमान को बर्दाश्त नहीं करेंगे. उन्होंने कहा, 'मेरे इलाके के 87,000 मतदाताओं ने मुझे चुनकर अपना सेवादार बनाया है. मैं अपने हलके के लोगों, भाइयों और बहनों के साथ बैठक करूंगा और उनकी राय लेकर ही अगला बड़ा फैसला लूंगा.'

हरियाणा कांग्रेस में मचे इस घमासान ने साफ कर दिया है कि राज्यसभा चुनाव की क्रॉस वोटिंग का मामला अभी शांत होने वाला नहीं है. जरनैल सिंह के इन तेवरों से आने वाले दिनों में पार्टी के भीतर कलह और बढ़ सकती है.

यहां देखें वीडियो

हरियाणा कांग्रेस में बड़ी कार्रवाई! क्रॉस वोटिंग के आरोप में 5 विधायक सस्पेंड, 2 ने दी सफाई

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