10 लाख का ट्रैक्टर, 4 लाख का 'जुगाड़'! हरियाणा के किसान ने बनाया चलता-फिरता घर, किचन से लेकर बेडरूम तक सब कुछ है भीतर!

Haryana Farmer Tractor House: हरियाणा के सोनीपत जिले के शाहपुर गांव के किसान रॉकी ने अपने ट्रैक्टर को एक अनोखे चलता-फिरता घर में बदल दिया है. करीब 10 लाख के ट्रैक्टर पर 4 लाख रुपये खर्च कर उन्होंने इसमें बेडरूम, किचन, एलईडी लाइट, सनरूफ और बैक कैमरा जैसी सुविधाएं लगवाई हैं. जानिए कैसे एक किसान का देसी जुगाड़ सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.

Haryana Unique Tractor House Story
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पवन राठी

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हरियाणा के किसानों का जुनून और उनके देसी जुगाड़ पूरी दुनिया में मशहूर हैं. इसी कड़ी में सोनीपत के शाहपुर गांव के एक युवा किसान रॉकी ने कुछ ऐसा कर दिखाया है जिसे देखकर हर कोई हैरान है. रॉकी ने अपने साधारण से ट्रैक्टर को एक आलीशान 'कैंपर वैन' या यूं कहें कि एक 'चलता-फिरता घर' बना दिया है, जिसके बाद इसकी हर जगह चर्चाएं शुरू हो गई है. आइए जानते है क्या है पूरी कहानी.

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ट्रैक्टर के भीतर लग्जरी सुविधाएं

रॉकी ने लगभग 10 लाख रुपये में न्यू होलैंड ट्रैक्टर खरीदा और फिर उस पर 4 लाख रुपये अतिरिक्त खर्च करके उसे मॉडिफाई करवाया. इस ट्रैक्टर के भीतर किसी घर जैसी तमाम सुविधाएं मौजूद हैं:

बेडरूम: ट्रैक्टर के कैबिन के भीतर गद्दे लगवाए गए हैं, जहां तीन लोग आराम से लेट सकते हैं. ड्राइविंग के समय इन गद्दों को फोल्ड किया जा सकता है.

स्मार्ट किचन: ट्रैक्टर के पिछले हिस्से में एक छोटा किचन तैयार किया गया है, जिसमें 5 किलो वाला एलपीजी सिलेंडर, चूल्हा, मसाले, आटा और राशन रखने के लिए विशेष रैक बनाए गए हैं.

आधुनिक गैजेट्स: सुरक्षा के लिए बैक कैमरा, पंखा, एलईडी लाइट, चार्जिंग पॉइंट्स और यहाँ तक कि एक सनरूफ भी लगवाया गया है.

सफर के लिए खास तैयारी

रॉकी को घूमने का काफी शौक है. उन्होंने ट्रैक्टर में 55 लीटर का एक एक्स्ट्रा फ्यूल टैंक भी लगवाया है ताकि पहाड़ों या दूरदराज के इलाकों में तेल खत्म होने की चिंता न रहे. वे इस ट्रैक्टर से लद्दाख से लेकर सियाचिन तक की यात्रा कर चुके हैं. रॉकी का कहना है कि यह उनके लिए सिर्फ एक वाहन नहीं, बल्कि उनका घर है.

नेपाल ट्रिप पर लगा 'फुल स्टॉप'

रॉकी अपने इस खास ट्रैक्टर से इंडिया से नेपाल की यात्रा पर निकलने वाले थे, लेकिन ईंधन और एलपीजी गैस की किल्लत की खबरों के चलते उन्होंने फिलहाल अपनी योजना टाल दी है. उनका कहना है कि पहाड़ों में यदि तेल या खाना बनाने के लिए गैस नहीं मिली, तो सर्वाइव करना मुश्किल होगा. रॉकी सोशल मीडिया पर अपने इन दौरों के वीडियो भी साझा करते हैं, जिन्हें लोग काफी पसंद करते हैं.

खेती नहीं, 'पैशन' है मकसद

आमतौर पर ट्रैक्टर खेतों में हल चलाने के काम आता है, लेकिन रॉकी ने इसे अपने यात्रा के जुनून के लिए तैयार किया है. रॉकी बताते हैं कि उन्हें फोर-बाय-फोर गाड़ी लेनी थी, लेकिन उनके जीजा ने आइडिया दिया कि हरियाणा की पहचान ट्रैक्टर से है, तो क्यों न इसे ही अपना हमसफर बनाया जाए. आज वे अपने इस अनूठे ट्रैक्टर के कारण पूरे इलाके में चर्चा का विषय बने हुए हैं.

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