हरियाणा के फतेहाबाद शहर के एक पॉलीक्लिनिक में काम करने वाली करीब 10 से ज्यादा महिला स्टाफ सदस्यों ने अपने ही प्रभारी डॉक्टर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. महिला कर्मचारियों का आरोप है कि नए प्रभारी डॉक्टर उनके साथ अश्लील बातें करते हैं और काम सिखाने के बहाने अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल करते हैं. इस मामले को लेकर पीड़ित महिला स्टाफ ने मीडिया के सामने अपनी आपबीती सुनाई और कार्यकारी CMO (Chief Medical Officer) डॉक्टर बुद्धराम के सामने आरोपी डॉक्टर को जमकर खरी-खोटी सुनाई.
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मिस और मिसेज शब्द पर डॉक्टर ने उठाया था सवाल
शिकायतकर्ता महिला स्टाफ ने बताया कि आरोपी डॉक्टर नरेंद्र कुमार ने 1 मई 2026 को पॉलीक्लिनिक में अतिरिक्त सीएमओ (प्रभारी) के पद पर कार्यभार संभाला था. आरोप है कि 11 तारीख को उन्होंने अटेंडेंस रजिस्टर मंगवाया और महिला स्टाफ के नाम के आगे 'मिस' लिखा देखकर अजीबोगरीब सवाल करने लगे. डॉक्टर ने पूछा, "मिस का क्या मतलब है? क्या आप अनमैरिड हो? अगर मैरिड हो तो मिसेज क्यों नहीं लगाया?". महिला कर्मचारियों का कहना है कि डॉक्टर के बात करने का लहजा बेहद आपत्तिजनक था.
'कंडोम का डेमो देकर बताता हूं...'
महिला स्टाफ ने आरोप लगाया कि 13 मई को डॉक्टर ने सभी महिला कर्मचारियों को एक कमरे में इकट्ठा किया और ओपीडी पर्ची को हाथ में लेकर कहा, "वाह! क्या मस्त पर्ची है, इसे देख कर अच्छी फीलिंग आ रही है", इसके बाद ओपीडी पर्ची पर लिखे 'सेक्स' (Gender) शब्द को लेकर बार-बार बातें कीं.
हद तो तब हो गई जब पर्ची पर हिंदी में लिखे 'निरोध' शब्द को लेकर डॉक्टर ने बार-बार 'कंडोम' शब्द का इस्तेमाल किया और पूछा कि इसका मेल और फीमेल वर्जन कैसे इस्तेमाल होता है, क्या आप जानती हैं?. जब महिला स्टाफ चुप रही तो डॉक्टर ने कहा कि अगर नहीं पता तो मैं डेमो देकर बताता हूं.
आरोपी डॉक्टर ने दी सफाई, मांगी माफी
दूसरी ओर, आरोपी डॉक्टर नरेंद्र कुमार ने इन सभी आरोपों को गलतफहमी बताया है. डॉक्टर ने अपनी सफाई में कहा, "मेरी कोई गलत नीयत नहीं थी. मैं पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट हूं, इसलिए छोटी-छोटी चीजों की अहमियत समझा रहा था". उन्होंने कहा कि स्टाफ ने मेरी बातों को गलत तरीके से लिया है, फिर भी अगर उनकी भावनाओं को ठेस पहुंची है तो मैं सॉरी फील्ट करता हूं. डॉक्टर ने यह भी कहा कि सारा स्टाफ उनकी छोटी-बड़ी बहनों जैसा है.
डॉक्टर का तुरंत हुआ डेपुटेशन, पुलिस में शिकायत
स्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी सीएमओ डॉ. बुद्धराम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी डॉक्टर नरेंद्र कुमार का तुरंत वहां से डेपुटेशन कर दिया है. उन्हें सीएचसी भुना (CHC Bhuna) के पास भेजा गया है और उच्च अधिकारियों को ट्रांसफर की सिफारिश भेजी गई है. वहीं, पीड़ित महिला स्टाफ इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है और वे आरोपी डॉक्टर के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस और महिला थाने में तीन पन्नों की लिखित शिकायत देने जा रही हैं.
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