हरियाणा के फतेहाबाद जिले से एक बेहद हैरान करने वाला और अनोखा मामला सामने आया है जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. आमतौर पर आपने भ्रष्टाचार की खबरों में अधिकारियों को रिश्वत लेते या पकड़े जाते देखा होगा, लेकिन यहां मामला बिल्कुल उल्टा है. फतेहाबाद के टोहाना इलाके में एक बिजली उपभोक्ता और उसका बेटा, बिजली विभाग के अधिकारी को दफ्तर में जबरन नोटों की गड्डी (रिश्वत) देने के लिए उनके पीछे दौड़ पड़े. स्थिति ऐसी बन गई कि अधिकारी अपनी सीट छोड़कर जान बचाकर भागने लगा.
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यह पूरा मामला अब हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज के महकमे में चर्चा का विषय बन गया है और उच्च अधिकारियों ने इस पर कड़ा संज्ञान लिया है.
क्या है पूरा मामला?
यह हाई-वोल्टेज ड्रामा फतेहाबाद जिले के टोहाना स्थित बिजली निगम के दफ्तर का है. वायरल वीडियो में जो अधिकारी सीट छोड़कर भागता नजर आ रहा है, उसकी पहचान बिजली विभाग के एक्सएन (XEN) कृष्ण कुमार के रूप में हुई है. वहीं, उन्हें जबरन नोटों की गड्डी थमाने की कोशिश कर रहे दो लोगों की पहचान गज्जूवाला गांव के निवासी बलवंत सिंह और उनके बेटे देवेंद्र के रूप में हुई है. पिता-पुत्र का आरोप है कि वे साल 2018 से अपने खेत में ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए बिजली दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं. उनका आरोप है कि अधिकारी कृष्ण कुमार कनेक्शन देने के बदले ₹5 लाख की रिश्वत की मांग कर रहे थे. रिश्वत न देने के कारण उनका काम लटकाया जा रहा था और उन्हें बार-बार परेशान किया जा रहा था. लगातार मिल रही तारीखों से तंग आकर दोनों ने अधिकारी को सबके सामने 'एक्सपोज' करने की ठानी और दफ्तर में नोटों की गड्डी लेकर पहुंच गए.
दफ्तर में मची अफरा-तफरी, दर्ज हुई FIR
वीडियो में देखा जा सकता है कि देवेंद्र और बलवंत सिंह अधिकारी के केबिन में घुसकर उन्हें नोटों की गड्डी देने की कोशिश करते हैं. अधिकारी कृष्ण कुमार पैसे लेने से साफ मना करते हैं और वहां से उठकर भागने लगते हैं. पिता-पुत्र उनके पीछे-पीछे नोटों की गड्डी लेकर दौड़ते हैं और कहते हैं, "लो पकड़ो रिश्वत, हमारा कनेक्शन क्यों नहीं कर रहे?"
हालांकि, अधिकारी को इस तरह जबरन रिश्वत देने और वीडियो बनाने की यह कोशिश पिता-पुत्र को ही भारी पड़ गई. अधिकारी कृष्ण कुमार की शिकायत पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और देवेंद्र व उनके पिता बलवंत सिंह के खिलाफ 'द प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट' (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) के तहत सरकारी काम में बाधा डालने और अन्य धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है.
दलालों के जरिए मांगी जा रही थी रिश्वत
किसान देवेंद्र और उनके पिता बलवंत सिंह का कहना है कि बिजली कनेक्शन न मिलने के कारण पिछले 3 साल से उनकी जमीन बंजर पड़ी है, जिससे उन्हें करीब ₹20 लाख का नुकसान हो चुका है. उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी ने रिश्वत के पैसे इकट्ठा करने के लिए कुछ दलाल रखे हुए हैं, जिनके माध्यम से ही फाइलें पास होती हैं. उन्होंने यह भी कहा कि उनके खेतों की छुट्टी वाले दिन पैमाइश की जा रही है और रात को ड्रोन से निगरानी की जा रही है, जो कि पूरी तरह से नियमों के खिलाफ है.
अनिल विज को भेजी शिकायत
पिता-पुत्र ने इस मामले को लेकर हरियाणा के बिजली मंत्री अनिल विज, एमडी और अन्य आला अधिकारियों को ईमेल के जरिए शिकायत भेजी है. उन्होंने मांग की है कि इस अधिकारी को तुरंत सस्पेंड किया जाए और अब तक इनके द्वारा पास किए गए सभी कनेक्शनों की उच्च स्तरीय जांच की जाए. वहीं दूसरी ओर, मामला गरमाने के बाद दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) के डायरेक्टर मुकेश चौहान ने भी इस पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दे दिए हैं. पुलिस अब इस मामले के दोनों पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है.
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