Haryana: हरियाणा के शिक्षा विभाग ने एक बड़ा फैसला लेते हुए गेस्ट टीचर सुलेखा दलाल का निलंबन आदेश (सस्पेंशन ऑर्डर) वापस ले लिया है. बहादुरगढ़ की रहने वाली और रोहतक के रैनकपुरा कॉलोनी स्थित गवर्नमेंट मिडिल स्कूल में प्राइमरी गेस्ट टीचर के पद पर तैनात सुलेखा दलाल को बीते दिनों विभाग ने सस्पेंड कर दिया था, जिसके बाद यह मामला काफी गरमा गया था. अब विभागीय यू-टर्न के बाद सुलेखा दलाल को बड़ी राहत मिली है.
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क्या था पूरा मामला?
बीती 6 जून को दिल्ली में आयोजित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के एक प्रोटेस्ट में सुलेखा दलाल शामिल हुई थीं. इस आंदोलन में उन्होंने सरकारी भर्ती परीक्षाओं में हो रही लगातार गड़बड़ियों और पेपर लीक जैसे मुद्दों के खिलाफ आवाज उठाई थी. आंदोलन में शामिल होने के बाद, 10 जून को जिला प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी द्वारा एक पत्र जारी कर उन्हें तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया था. हालांकि, सस्पेंशन लेटर में निलंबन की कोई स्पष्ट वजह नहीं बताई गई थी.
बेटे और युवाओं के भविष्य के लिए उठाया था कदम
सुलेखा दलाल ने साफ किया कि वह किसी राजनीतिक एजेंडे या उद्देश्य के तहत इस धरने में शामिल नहीं हुई थीं. उन्होंने बताया कि उनका अपना बेटा कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में 100 में से 75 अंक हासिल करने के बाद भी नौकरी न मिलने की वजह से मानसिक रूप से परेशान है. सुलेखा ने कहा, "भर्ती परीक्षाओं में बार-बार हो रही गड़बड़ियों से देश के हजारों युवाओं का भविष्य अंधकार में जा रहा है. मैं एक मां की जिम्मेदारी निभाते हुए इस आंदोलन में शामिल हुई थी."
चारों तरफ से बढ़ा दबाव तो झुका विभाग
10 जून को हुए सस्पेंशन के बाद सोशल मीडिया, मीडिया चैनलों और सर्व कर्मचारी संघ की तरफ से इस फैसले का कड़ा विरोध शुरू हो गया था. सुलेखा दलाल ने अपनी जीत पर खुशी जाहिर करते हुए मीडिया, अपने शुभचिंतकों और शिक्षक संगठनों का धन्यवाद किया. उन्होंने कहा कि यह जनता और कर्मचारियों की एकजुटता का ही चमत्कार है कि शिक्षा विभाग को रातों-रात अपना फैसला वापस लेने पर मजबूर होना पड़ा. उन्होंने संकल्प जताया कि वे आगे भी युवाओं के हक के लिए आवाज उठाती रहेंगी.
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