हरियाणा एनकाउंटर: CP राजश्री के 'चौतरफा दबाव' वाले बयान के क्या हैं सियासी मायने? क्यों उठ रहे हैं जाति पर सवाल?

Haryana Encounter News: झज्जर के दुजाना गांव में STF एनकाउंटर में इनामी बदमाश इंद्रपाल मारा गया. विजय सैनी हत्याकांड से जुड़े इस मामले में पुलिस कमिश्नर राजश्री के 'चारों तरफ से दबाव' वाले बयान के बाद राजनीतिक और जातीय चर्चाएं तेज हो गई हैं. जानिए इंद्रपाल कौन था, एनकाउंटर क्यों हुआ और इस पूरे मामले के सियासी मायने क्या हैं.

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एनकाउंटर में मारा गया इंद्रपाल

राहुल यादव

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हरियाणा के झज्जर जिले में स्पेशल टास्क फोर्स और बदमाशों के बीच देर रात हुई एक मुठभेड़ में इनामी बदमाश इंद्रपाल को ढेर कर दिया गया है. यह मुठभेड़ झज्जर के दुजाना गांव के पास हुई. आमतौर पर हरियाणा में पुलिस कार्रवाई के दौरान अपराधियों के पैर में गोली लगने यानी 'ऑपरेशन लंगड़ा' के तहत गिरफ्तारी की खबरें आती हैं, लेकिन इस मामले में बदमाश को सीधे छाती में गोली लगी और उसे मौके पर ही ढेर कर दिया गया. इस मुठभेड़ के दौरान एसटीएफ के इंस्पेक्टर राकेश भी घायल हुए हैं, जिनके हाथ में गोली लगी है और उन्हें इलाज के लिए नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर राजश्री खुद मौके पर पहुंचीं, जबकि एसटीएफ चीफ सतीश बालन ने अस्पताल जाकर घायल इंस्पेक्टर का हालचाल जाना.

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क्यों हुआ एनकाउंटर और क्या था मामला?

यह पूरा मामला करीब 15 दिन पहले दुजाना गांव में हुए विजय सैनी हत्याकांड से जुड़ा हुआ है. विजय सैनी जब अपने खेतों से घर लौट रहे थे, तब रास्ते में घेरकर उनकी अंधाधुंध गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी. विजय सैनी के परिवार ने आरोप लगाया था कि इस हत्याकांड के पीछे मुख्य रूप से संजय बिरदाना नाम के बदमाश का हाथ है, जो पहले से ही दो मर्डर केस में आरोपी है. 

पुलिस थ्योरी के मुताबिक, जिस इंद्रपाल का एनकाउंटर हुआ है, वह इसी मुख्य आरोपी संजय बिरदाना का राइट हैंड था. पुलिस को इनपुट मिला था कि इंद्रपाल दुजाना गांव में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के इरादे से आया है, जिसके बाद एसटीएफ ने घेराबंदी की. आत्मसमर्पण की चेतावनी और हवाई फायरिंग के बावजूद आरोपी ने पुलिस पर गोलियां चला दीं, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया.

कौन था मारा गया बदमाश इंद्रपाल?

एनकाउंटर में मारा गया इंद्रपाल रोहतक जिले के कसेटी गांव का रहने वाला था. वह शादीशुदा था और उसके दो बच्चे हैं. शुरुआती दिनों में वह अपने भाई के साथ मिलकर फाइनेंस पर ली गई गाड़ियों और बाइकों की खरीद-बिक्री का काम करता था, लेकिन बाद में उसकी नजदीकियां कुख्यात बदमाश संजय बिरदाना से बढ़ गईं और उसने अपराध की दुनिया में कदम रख दिया. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इंद्रपाल के खिलाफ झज्जर सदर थाने सहित विभिन्न थानों में हत्या और लड़ाई-झगड़े के करीब चार आपराधिक मामले दर्ज थे. इस केस में पुलिस इंद्रपाल की गर्लफ्रेंड को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है.

कमिश्नर का बयान और 'दबाव' की राजनीतिक चर्चा

इस एनकाउंटर के बाद हरियाणा के सियासी और सामाजिक गलियारों में दबी जुबान में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं. दरअसल, एनकाउंटर के बाद मीडिया को ब्रीफ करते हुए पुलिस कमिश्नर राजश्री ने कहा कि दुजाना मर्डर केस को लेकर 'चारों तरफ से बहुत दबाव था'. उनके इसी बयान के बाद प्रदेश में कयासों का बाजार गर्म है कि आखिर यह दबाव कहां-कहां से था. एक तरफ पीड़ित परिवार लगातार सुरक्षा की मांग कर रहा था और पुलिस के आला अधिकारियों से मिलकर कार्रवाई की गुहार लगा रहा था. वहीं दूसरी तरफ, चर्चाएं हैं कि इस मामले में सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) का भी बड़ा राजनीतिक दबाव था.

जातिगत समीकरण और सीएम कनेक्शन

इस एनकाउंटर को लेकर हरियाणा में जातीय एंगल से भी जोड़कर देखा जा रहा है. दुजाना गांव में जिस विजय सैनी की हत्या हुई थी, वह सूबे के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की ही बिरादरी (सैनी समाज) से ताल्लुक रखते थे. लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी के प्रमुख और पूर्व भाजपा सांसद राजकुमार सैनी ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात की थी और सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा था कि खुद मुख्यमंत्री के परिवार और समाज को टारगेट किया जा रहा है. उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा था कि समाज अगर सर-आंखों पर बिठाता है, तो नीचे भी उतार देता है. यही वजह है कि कमिश्नर के 'दबाव' वाले बयान को सीधे मुख्यमंत्री की जाति और सीएम दफ्तर के दखल से जोड़कर देखा जा रहा है.

पीड़ित परिवार अब भी असंतुष्ट

इंद्रपाल के एनकाउंटर के बावजूद मृतक विजय सैनी का परिवार अभी भी पूरी तरह संतुष्ट नहीं है. परिवार का कहना है कि हत्याकांड का मुख्य सूत्रधार और असली अपराधी संजय बिरदाना है, जो पहले से ही अपनी पत्नी और इसी परिवार के एक अन्य सदस्य की हत्या के मामलों में आरोपी है. परिवार का आरोप है कि संजय बिरदाना जैसे गंभीर अपराधी जेल से जमानत पर बाहर आकर तीसरी हत्या को अंजाम दे देते हैं. पीड़ित परिवार का साफ कहना है कि जब तक मुख्य आरोपी संजय बिरदाना को पकड़कर सख्त सजा नहीं दी जाती, तब तक उन्हें पूरी तरह से इंसाफ नहीं मिलेगा. फिलहाल, पुलिस और एसटीएफ की अन्य टीमें मुख्य आरोपी की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं.

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