दुबई में धरा गया हरियाणा का मोस्ट वांटेड गैंगस्टर राव इंद्रजीत, जल्द होगा भारत प्रत्यर्पण
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हरियाणा और राजस्थान पुलिस के लिए सिरदर्द बना करोड़ों का मालिक और कुख्यात गैंगस्टर राव इंद्रजीत आखिरकार कानून के शिकंजे में आ गया है. दुबई पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है और अब हरियाणा एसटीएफ (STF) की टीम उसके प्रत्यर्पण की कागजी कार्रवाई को अंतिम रूप देने में जुटी है. मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के हालात सामान्य होते ही उसे भारत लाया जाएगा.
फाइनेंसर से गैंगस्टर बनने की कहानी
राव इंद्रजीत की शुरुआत संगीत और फिल्म फाइनेंसिंग से हुई थी. वह ‘जेम म्यूजिक’ नाम की कंपनी का मालिक था. धीरे-धीरे कारोबार में बढ़ते विवादों को सुलझाने के लिए उसने गैंगस्टर्स का सहारा लिया और यहीं से उसका झुकाव अपराध की दुनिया की ओर हो गया. देखते ही देखते वह संगठित अपराध का हिस्सा बन गया और रंगदारी व हत्या जैसे मामलों में शामिल हो गया.
सोशल मीडिया से दिखाता था रौब
राव इंद्रजीत सोशल मीडिया पर बॉलीवुड सितारों और राजनीतिक नेताओं के साथ तस्वीरें पोस्ट कर अपना प्रभाव दिखाता था. इससे वह खुद को प्रभावशाली और पहुंच वाला व्यक्ति साबित करने की कोशिश करता था. उसके खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी केस दर्ज किया हुआ है. जांच के दौरान उसकी कई करोड़ की संपत्तियां अटैच की गई थीं. आयकर विभाग की छापेमारी में भी उसकी भारी संपत्ति का खुलासा हुआ था.
म्यूजिक कंपनी से जुर्म की दुनिया तक का सफर
कोसली (हरियाणा) का रहने वाला राव इंद्रजीत कभी 'जेम म्यूजिक' और 'जेम्स ट्यून' जैसी कंपनियों के जरिए संगीत और फिल्म जगत में सक्रिय था. वह बड़े फिल्मी सितारों और राजनीतिक हस्तियों के साथ अपनी तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अपना रसूख दिखाता था. लेकिन इस चमक-धमक के पीछे वह एक खतरनाक क्रिमिनल सिंडिकेट चला रहा था. जांच के मुताबिक, वह हिमांशु भाऊ गैंग के लिए काम करता था और उसका नाम एल्विश यादव के घर हुई फायरिंग से लेकर सिंगर फाजिलपुरिया पर हमले तक में उछला है.
19 से ज्यादा संगीन मुकदमे हैं दर्ज
राव इंद्रजीत पर हत्या, हत्या के प्रयास, करोड़ों की धोखाधड़ी और रंगदारी के करीब 19 मामले दर्ज हैं. आरोप है कि वह व्यापारियों और बिल्डरों से अवैध वसूली का बड़ा नेटवर्क चला रहा था. प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी उसके खिलाफ मामला दर्ज कर चुकी है और उसकी कई संपत्तियों को अटैच (जब्त) किया जा चुका है. वह लंबे समय से फरार था और उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर भी जारी किया गया था.
हरियाणा एसटीएफ की पैनी नजर और डिजिटल फुटप्रिंट्स के जरिए आखिरकार उसकी लोकेशन दुबई में ट्रेस की गई. राव इंद्रजीत के भारत आने के बाद म्यूजिक इंडस्ट्री और गैंगस्टर्स के गठजोड़ से जुड़े कई बड़े राज खुलने की उम्मीद है.
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