हरियाणा के नारनौल जिले से बिजली विभाग की एक ऐसी लापरवाही सामने आई है जिसे सुनकर आप दंग रह जाएंगे. दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) ने यूथ कांग्रेस के जिला प्रधान पुनीत बुलाना के घर पर करीब 78 करोड़ 92 लाख रुपये का बिजली बिल भेज दिया है. मोबाइल पर आए इस मैसेज को देखकर न केवल पुनीत बल्कि उनके पूरे परिवार के होश उड़ गए.
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6 दिन की रीडिंग और 78 करोड़ का बिल!
हैरानी की बात यह है कि यह भारी-भरकम बिल केवल 6 दिनों की मीटर रीडिंग (15 मार्च से 21 मार्च) के आधार पर तैयार किया गया है. बिल के अनुसार:
- कुल देय राशि: ₹78,92,75,697 (लगभग 79 करोड़ रुपये).
- यूनिट खपत: बिल में 9,99,94,229 यूनिट की खपत दिखाई गई है, जो किसी भी सामान्य घर या छोटी आटा चक्की के लिए नामुमकिन है.
- टैक्स का खेल: इसमें 71 करोड़ रुपये एनर्जी चार्ज और 1.5 करोड़ रुपये से अधिक म्युनिसिपल टैक्स जोड़ा गया है.
"परेशान करने की साजिश या तकनीकी गलती?"
पुनीत बुलाना का कहना है कि यह कनेक्शन उनकी माता विमला देवी के नाम पर है और पहले यहाँ एक छोटी आटा चक्की चलती थी, जो पिछले दो साल से बंद पड़ी है. उन्होंने आरोप लगाया कि क्या यह सरकार की तरफ से कांग्रेस पदाधिकारियों को परेशान करने का काम किया जा रहा है? पुनीत ने मांग की है कि विभाग इस बड़ी गलती को तुरंत ठीक करे.
विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल
नारनौल के हसनपुर गांव के रहने वाले पुनीत ने बताया कि मार्च महीने में उन्होंने लगभग 63,000 रुपये के बिल का भुगतान किया था, लेकिन अचानक करोड़ों का बिल आना विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है. यदि 8 अप्रैल तक इस बिल का भुगतान नहीं किया गया, तो सरचार्ज लगकर यह राशि 80 करोड़ रुपये के पार पहुंच जाएगी. शुरुआती जांच में इसे सॉफ्टवेयर की तकनीकी खराबी या डाटा एंट्री की बड़ी चूक माना जा रहा है.
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